उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबर

आयुर्वेद अस्पताल में आयुष सम्मेलन, चिकित्सकों ने दिए सुझाव 

प्रधानाचार्य मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को गिनाया

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। आयुष विभाग को गतिशील बनाने के लिए सम्मेलन आयोजित किया गया।

सोमवार को टुड़ियागंज स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के महर्षि चरक सभागार में विश्व आयुर्वेद परिषद उप्र एवं राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में आयुष हित धारक सम्मेलन का आयोजन किया गया।

जिसमें एनसीआईएसएम के अधिकारयों तथा प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक एवं यूनानी कॉलेज के प्रबंधक ,प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने प्रतिभागिता कर संवाद स्थापित किया । कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में संचालित सभी आयुर्वेद, यूनानी कॉलेज के हित धारको को आमंत्रित किया गया था।

जिसमें नई दिल्ली से एनसीआईएसएम की अध्यक्ष प्रो मनीषा उपेंद्र कोठेकर द्वारा बताया गया कि आयुष के विकास में कॉलेज के प्रबंधकों, प्रधानाचार्य एवं चिकित्सा शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है।

भारतीय चिकित्सा परिषद राष्ट्रीय आयोग कॉलेज की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए न्यूनतम मानक निर्धारित करता है और न्यूनतम मानकों को बनाए रखने एवं निरंतर गुणवत्ता को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सालय को वित्तीय सहयोग प्राप्त हो रहा है।

एनसीआईएसएम के डॉ मुकुल पटेल ने कहा कि प्रत्येक आयुष महाविद्यालय के चिकित्सालयों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन कराए जाने की आवश्यकता है। जिससे समाज के स्वास्थ्य का डिजिटल डाटा उपलब्ध हो सकेगा और आयुष के माध्यम से स्वास्थ्य नीति बनाए जाने में सहयोग प्राप्त होगा।

साथ ही बोर्ड आफ आयुर्वेद के डॉ सुश्रुत कनौजिया द्वारा बताया गया कि आयुष महाविद्यालय के चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन प्रदेश के रजिस्टर में कराया जाएगा। इससे प्रदेश में संचालित चिकित्सालयों का बृहद एवं सुनिश्चित डाटा उपलब्ध हो सकेगा।

बोर्ड ऑफ आयुर्वेद के डॉ अल्लम प्रभु गोड्डा ने बताया कि शीघ्र ही आयुर्वेद में छह विषयों में डीएम पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम में निजी आयुर्वेद,यूनानी मेडिकल कॉलेज के प्रबंधकों , प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों के द्वारा संचालन संबंधी समस्याओं को एनसीआईएसएम के अध्यक्षों द्वारा नियमों के अंतर्गत सुझाव प्रदान किए गए ।

कार्यक्रम के दौरान एनसीआईएसएम अध्यक्ष द्वारा राजकीय आयुर्वेद कॉलेज की अंतिम वर्ष की छात्राओं को डॉ सत्यपाल गुप्त स्मृति चरक उत्तरार्द्ध पुरस्कार प्रदान किया गया। जिसमें गोल्ड मेडल कुमारी खुशबू शर्मा एवं रजत मेडल कुमारी मीनाक्षी तिवारी को प्राप्त हुआ ।

वहीं आयुर्वेदिक कॉलेज प्रधानाचार्य प्रो दिनेश कुमार मौर्य ने विगत वर्षों में किए गए कार्यों को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में एक ही छत के नीचे आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी विद्या की चिकित्सा उपलब्ध कराए जाने के लिए 17 पचास शैय्या एकीकृत आयुष चिकित्सालय का संचालन कराया जा रहा है।

इस वर्ष आयुष विभाग के अंतर्गत आगरा ,बस्ती ,मेरठ, गोंडा एवं मिर्जापुर मंडल में एकीकृत आयुष महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में स्किल लैब की स्थापना किए जाने की योजना है।

कार्यक्रम में डॉ सुरेंद्र चौधरी, महासचिव ,विश्व आयुर्वेद परिषद, प्रो केके द्विवेदी ,डॉ विजय राय, अध्यक्ष विश्व आयुर्वेद परिषद ,उत्तर प्रदेश ,डॉ दीपक मिश्रा द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। इस मौके पर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ धर्मेंद्र समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button