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विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस पर किया जागरूक 

डॉक्टरों ने ऑटिज़्म के लक्षण के बारे में दिए सुझाव 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस पर किया जागरूक अभियान चलाया गया। गुरुवार को

बलरामपुर चिकित्सालय में विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य आम जनमानस को ऑटिज़्म के कारण, लक्षण, पहचान, रोकथाम एवं प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के अंतर्गत नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा ऑटिज़्म से ग्रसित बच्चों के व्यवहार पर आधारित रोल-प्ले प्रस्तुत किया गया। जिसमें बच्चों के व्यवहारिक पहलुओं को प्रभावी तरीके से दर्शाया गया।

इसके साथ ही ऑटिज़्म के कारण, संकेत एवं लक्षण, समय पर पहचान तथा समुचित प्रबंधन पर स्वास्थ्य शिक्षा भी दी गई।

चिकित्सा अधीक्षक एवं चिकित्सालय के वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने अपने विशेष वक्तव्य में बताया कि ऑटिज़्म एक न्यूरो-डेवलपमेंटल डिसऑर्डर है, जिसकी समय पर पहचान, प्रारंभिक हस्तक्षेप एवं सतत व्यवहारिक व मनोवैज्ञानिक थेरेपी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस की थीम “Autism एंड ह्यूमैनिटी – एवरी लाइफ हैज वैल्यू ” है,

जो ऑटिज़्म से प्रभावित व्यक्तियों की गरिमा, अधिकारों एवं उनकी क्षमताओं के सम्मान पर बल देती है तथा समाज में रूढ़ियों से आगे बढ़कर पूर्ण समावेश सुनिश्चित करने का संदेश देती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य अभिभावकों एवं समाज को ऑटिज़्म के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान, समय पर विशेषज्ञ परामर्श, तथा बच्चों के सामाजिक, शैक्षणिक एवं संप्रेषण कौशल के समग्र विकास के प्रति जागरूक करना है, ताकि ऐसे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हुए समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। वहीं

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ हिमांशु चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सही जानकारी पहुँचाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ऑटिज़्म से संबंधित परामर्श एवं सहयोग की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर निदेशक डॉ कविता आर्य ने अपने संक्षिप्त वक्तव्य में कहा कि ऑटिज़्म एक न्यूरो-डेवलपमेंटल अवस्था है। जिसकी समय पर पहचान और उचित हस्तक्षेप से बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के व्यवहार में किसी भी असामान्यता को नजरअंदाज न करें।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में चिकित्सालय के समस्त कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा। अंत में सभी उपस्थित लोगों को ऑटिज़्म के प्रति जागरूक रहने एवं समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया गया।

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