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राजधानी में दो संस्थानों के साथ एमओयू

CIMAP एवं RMLIMS के मध्य समझौता

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। चिकित्सा शोध के क्षेत्र में दो संस्थानों के बीच समझौता किया गया। मंगलवार को

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की घटक प्रयोगशाला केन्द्रीय औषधीय एवं सुगंध पौधा संस्थान तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के मध्य अनुसंधान, शिक्षा एवं नवाचार के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता मुख्य अतिथि डॉ. धीर सिंह, निदेशक, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI), करनाल (हरियाणा) तथा डॉ. प्रभोध कुमार त्रिवेदी, निदेशक, CSIR-CIMAP की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर RMLIMS की ओर से अतिरिक्त कुलसचिव (एडिशनल रजिस्ट्रार) संस्थान निदेशक प्रो सीएम सिंह, डॉ. मनीष कुमार वर्मा एवं डॉ. अजय कुमार वर्मा, विभागाध्यक्ष, श्वसन रोग विभाग उपस्थित रहे।

इस समझौते का उद्देश्य औषधीय एवं सुगंध पौधों पर आधारित अनुसंधान, जैव-सक्रिय फाइटो-अणुओं के विकास, क्लिनिकल एवं ट्रांसलेशनल रिसर्च, शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा समाजोपयोगी वैज्ञानिक एवं तकनीकी ज्ञान के संवर्धन को प्रोत्साहित करना है।

समझौता ज्ञापन के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं की पहचान एवं क्रियान्वयन करेंगे तथा WHO, ICMR, DBT, CSIR, DST, NIH सहित अन्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण एजेंसियों को संयुक्त परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे।

इसके साथ-साथ फैकल्टी एवं छात्र विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त वैज्ञानिक सम्मेलन, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अनुसंधान उपकरणों एवं प्रयोगशाला सुविधाओं का साझा उपयोग किया जाएगा।

इस सहयोग के माध्यम से शोधार्थियों के लिए सह-मार्गदर्शन (Co-Guide/Co-Supervisor), संयुक्त थीसिस एवं अनुसंधान कार्य को बढ़ावा मिलेगा। समझौते के अंतर्गत विकसित बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) पर दोनों संस्थानों का संयुक्त स्वामित्व होगा

तथा शोध परिणामों को व्यावसायिक रूप से उपयोगी उत्पादों एवं तकनीकों में परिवर्तित करने की दिशा में भी आपसी सहमति से कार्य किया जाएगा।

यह समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर की तिथि से पाँच (05) वर्षों की अवधि के लिए मान्य होगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। दोनों संस्थानों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग चिकित्सा, औषधीय अनुसंधान एवं जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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