26 व 27 को ओपीडी में नहीं होंगे नये पंजीकरण
ब्रेन डेड डोनर से मल्टीऑर्गन हार्वेस्ट के सफल संचालन पर कार्यक्रम

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। ब्रेन डेड डोनर से मल्टीऑर्गन हार्वेस्ट के सफल संचालन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार को
एसजीपीजीआई के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग द्वारा ब्रेन डेड डोनर से मल्टीऑर्गन हार्वेस्ट के सफल संचालन के लिए आवश्यक जटिल, बहु-विषयक समन्वय और व्यापक चरणबद्ध प्रक्रियाओं को उजागर करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत लिवर ट्रांसप्लांट प्रभारी, प्रोफेसर सुप्रिया शर्मा के स्वागत भाषण से की गयी। जिन्होंने संक्षेप में चौबीसों घंटे उन्नत ट्रांसप्लांट सेवाओं को संभव बनाने में सामूहिक प्रयास के महत्व पर जोर दिया।
अंग पुनर्प्राप्ति ( ऑर्गन रेट्रीवाल ) कॉल पर टीम की तीव्र और कुशल प्रतिक्रिया को चित्रित करने वाली एक लघु नाटिका और ट्रांसप्लांट नर्सिंग और ओटी अटेंडेंट स्टाफ द्वारा एक संगीतमय श्रद्धांजलि ने हृदयस्पर्शी स्पर्शी प्रस्तुति दी गयी।
वहीं संस्थान निदेशक प्रोफेसर आरके धीमन ने लिवर प्रत्यारोपण टीम को बधाई दी और प्रत्यारोपण चिकित्सा को आगे बढ़ाने में टीम वर्क और अंगदान जागरूकता के महत्व पर जोर दिया।
प्रो. शालीन कुमार, डीन ने कुशल प्रणालियों को स्थापित करने के लिए जमीनी स्तर से स्वॉट विश्लेषण करने के लिए इस अवसर का उपयोग करने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही
केजीएमयू में सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर प्रमुख डॉ. अभिजीत चंद्रा ने सहयोगात्मक प्रयासों ने शहर के भीतर प्रत्यारोपण गतिविधियों को काफी मजबूत किया है।
उन्होंने विशेष रूप से ट्रॉमा सेंटर में लिवर रिट्राइव करने और एक योग्य प्राप्तकर्ता के लाभ के लिए इसे केजीएमयू के साथ साझा करने में एसजीपीजीआईएमएस की त्वरित और निस्वार्थ पहल की सराहना की।
प्रोफेसर देवेन्द्र गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, प्रोफेसर आर हर्षवर्द्धन, चिकित्सा अधीक्षक, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और न्यूरो सर्जरी के कई विभागों के प्रमुखों और संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान, नर्सिंग ऑफिसर, तकनीशियनों, रेजिडेंट डॉक्टर, ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर और सहायक कर्मचारियों को सफल अंग पुनर्प्राप्ति में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन टीम वर्क और प्रतिबद्धता को स्वीकार करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया गया। जिसने इस मील के पत्थर को संभव बनाया और यूपी के लोगों के लिए मृतक अंग दान और प्रत्यारोपण सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता दर्शाई।
26 व 27 को ओपीडी में नहीं होंगे नये पंजीकरण
रामनवमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 27 मार्च (शुक्रवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। जिसके चलते संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में 27 मार्च (शुक्रवार) को ओपीडी में नये पंजीकरण बंद रहेगा। संस्थान प्रशासन का कहना है कि
जिन पुराने रोगियों को ओपीडी परामर्श के लिये पहले से ही तारीख दी गयी है। उन्हे ओपीडी में देखा जायेगा और जिन रोगियों की विभिन्न विभागों में जाँचो की तारीख है,उनकी जांचे भी होंगी। पूर्व निर्धारित ऑपरेशन भी यथावत होगे।
24 घंटे लैब क्रियाशील रहेगी। आकस्मिक सेवाएं यथावत चलेगी। ओपीडी का सैम्पल कलेक्शन बंद रहेगा। प्रशासनिक भवन व शैक्षणिक ब्लाक भी बंद रहेगा। 26 मार्च को संस्थान पूर्णतया बंद रहेगा। केवल इमेरजेंसी सेवायें संचालित रहेंगी।



