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आपातकालीन चिकित्सा पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का विचार विमर्श

 इमरजेंसी चिकित्सा पर विशेषज्ञों का सुझाव

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। आपातकालीन चिकित्सा पर विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुझाव व्यक्त किया। सोमवार को एसजीपीजीआई में

सोसाइटी ऑफ एक्यूट केयर ट्रॉमा एंड इमरजेंसी मेडिसिन ने अपने प्रमुख राष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया। जिसमें एम्स, पीजीआईएमईआर, एसजीपीजीआईएमएस, केजीएमयू और आरएमएलआईएमएस के प्रमुख आपातकालीन और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ एक साथ शामिल रहे।

उच्च स्तरीय राष्ट्रीय गोलमेज चर्चा में आपातकालीन देखभाल के दो महत्वपूर्ण स्तंभों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया गया। जिसमें सुरक्षित इन्फ्यूजन प्रथाएँ,आपातकालीन विभागों में मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) का प्रबंधन पर चर्चा की गयी।

सतत चिकित्सा शिक्षा व्यवहारिक कार्यशाला 6 और 7 दिसंबर को सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस दो दिवसीय CME का आयोजन में

संक्रामक रोग,आपातकालीन अल्ट्रासाउंड कार्यशाला – पल्स,यांत्रिक वेंटिलेशन कार्यशाला वेन्टप्रो पर विचार व्यक्त किए गये।

पल्स (जीवन रक्षक आपात स्थितियों में प्रोएक्टिव अल्ट्रासाउंड) का आयोजन आपातकालीन चिकित्सकों के बीच पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड कौशल को मज़बूत करने के लिए किया गया।

वेंटप्रो (वेंटिलेशन प्रवीणता कार्यक्रम) अर्ड्स, COPD, वीनिंग रणनीतियों, लूप्स/कर्व्स और उन्नत मोड सहित संरचित व्यावहारिक वेंटिलेटर प्रशिक्षण पर केंद्रित था।

सत्र एसजीपीजीआई के ऑडिटोरियम कॉम्प्लेक्स, एचजी खुराना ऑडिटोरियम में आयोजित किए गए। जिसमें 60 से अधिक राष्ट्रीय संकाय विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही।

मेडिकल ऑफिसर्स के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण इस दिन का मुख्य आकर्षण रहा।

एसएसीटीईएम ने निम्नलिखित संस्थानों के डॉक्टरों के लिए निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने वाली अपनी विशेष पहल को सफलतापूर्वक पूरा किया। नमो क्लीनिक,जिला अस्पताल,सरकारी चिकित्सा प्रतिष्ठान

प्रशिक्षण में यूएसजी-पल्स और वेंटिलेटर-वेंटप्रो शामिल थे। इस पहल का उद्देश्य पूरे उत्तर प्रदेश में आपातकालीन देखभाल प्रदान करने में सुधार करना है। वहीं संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहे।

उन्होंने गोल्डन ऑवर के दौरान आपातकालीन चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका और यूएसजी-पल्स और वेंटप्रो प्रशिक्षण कार्यक्रमों के महत्व पर ज़ोर दिया। साथ ही संस्थान के आपातकालीन चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरके सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम का नेतृत्व आयोजन सचिव डॉ. अलका वर्मा और आयोजन अध्यक्ष डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने किया। साथ ही संस्थान की मज़बूत शैक्षणिक भागीदारी और देश भर के संकाय सदस्यों ने भी इसमें भाग लिया।

देश भर के चिकित्सकों की उत्साही भागीदारी के साथ, इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम ने आपातकालीन और गहन चिकित्सा देखभाल में नैदानिक ​​​​तैयारी को सफलतापूर्वक बढ़ाया।

एसएसीटीईएम ने उत्तर प्रदेश में आपातकालीन प्रणालियों को मज़बूत करने के लिए पल्स और वेंटप्रो कार्यशालाओं को जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराया।

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