राजकीय तकमिल उत्तिब कॉलेज में प्रो जाफरी का स्वागत
यूनानी विद्या के उत्थान के लिए किए गए कार्यों पर की चर्चा

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में यूनानी विधा के विख्यात प्रोफेसर एमए जाफरी पूर्व निदेशक राष्ट्रीय यूनानी वैद्यक संस्थान बैंगलोर एवं पूर्व कुलपति जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय दिल्ली दो दिवसीय दौरे पर यूनानी अस्पताल पहुंचे।
बुधवार को राजकीय तकमिल उत्तिब कॉलेज में प्रोफेसर जाफरी का स्वागत किया गया। संस्था के सभी विभागों के परास्नातक विभागाध्यक्ष ने प्रोफेसर जाफ़री का स्वागत किया। इस अवसर पर एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन भी किया गया।
कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर अब्दुल कवि ने प्रोफेसर जाफ़री के यूनानी विद्या के उत्थान के लिए किए गए कार्यों पर चर्चा की, और कहा हमारी संस्था में इस वक़्त ज्यादातर शिक्षक एनआईयूएम बैंगलोर से परास्नातक डिग्री हासिल किये उस दौर के है, जिस दौर में जाफरी वहां के डायरेक्टर हुआ करते थे।
जिनके मार्गदर्शन में सभी को बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। प्राचार्य प्रोफेसर कवि ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ शमीम इरशाद द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रोफेसर जाफ़री ने टीचिंग मेथोलॉजी ऑफ यूनानी मेडिसन विषय पर अपना व्याख्यान दिया और उपस्थित शोधार्थियों को प्रोत्साहित कर नई उर्जा का संचार किया।
अंत में परास्नातक के विभागाध्यक्ष प्रोफसर मनीराम सिंह ने अपने बैंगलोर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि अध्ययन के दौरान उस वक़्त छात्र वेतन प्रतिमाह रूपये 12300 मात्र मिलते थे।
शोध के दौरान व्यक्तिगत रूप से रिसर्च ड्रग्स की आइडेंटीफिकेशन एवं मानक प्रामाणिकता पर रूपये 8500 खर्च किए, जो बाद में प्रोफेसर जाफरी साहब ने संस्थान से मुझे चेक के माध्यम से दिलवाए।
वहीं प्रोफसर सिंह ने धैर्य बनाए रखने के लिए सभी शोधार्थियों, अधिकारी एवं कर्मचारियों तथा प्रोफेसर जाफ़री एवं डॉ शबाना हाशमी को धन्यवाद दिया।
इस मौके पर प्रो साफिया लोखंडे, प्रोफ़ेसर जिया बैग, प्रोफेसर अब्दुल हकीम, प्रोफेसर मोहम्मद शाकिब , डॉ कादरी, डॉ अबूबकर समेत अधिकारी कर्मचारी, शोधार्थी मौजूद रहे।



