17 सितम्बर तक चलेगा सर्वाइकल कैंसर से बचाव को अभियान
10 लाख पात्र किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाने का लिया लक्ष्य

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। प्रदेश भर के 75 जनपदो में एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाने की तैयारी की गयी। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष ने बताया कि
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए प्रदेश में विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान तीन से 17 सितंबर तक चलाया जाएगा। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में संचालित होने वाले इस अभियान के तहत 14 वर्ष आयु
वर्ग की लगभग 10 लाख पात्र किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अमित कुमार घोष ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले गंभीर कैंसर में से एक है, लेकिन एचपीवी टीकाकरण के माध्यम से इससे बचाव संभव है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र बालिका तक एचपीवी वैक्सीन की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी पात्र बेटियों का समय से टीकाकरण कराएं और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. पिंकी जोवेल ने कहा कि विशेष अभियान के लिए जनपदवार लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि टीकाकरण की गति और लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि की लगातार निगरानी की जाएगी। कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि अभियान की अवधि में निर्धारित लक्ष्य को हासिल किया जा सके। इसी क्रम में
महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. शुभा मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण अभियान 28 फरवरी से चल रहा है। अभियान को गति देने के उद्देश्य से तीन से 17 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसके तहत उन बालिकाओं का टीकाकरण किया जाएगा, जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी से अब तक कुल 18 लाख पात्र किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है।
राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि विद्यालयों में शिक्षकों के माध्यम से छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर, एचपीवी संक्रमण और वैक्सीन से होने वाले बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी।
साथ ही अभिभावकों को भी टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समुदाय स्तर पर पात्र बालिकाओं एवं उनके परिवारों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने बताया कि पात्र बालिकाओं का टीकाकरण जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों सहित सभी नियमित टीकाकरण प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। टीकाकरण सत्र सामान्यतः सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक आयोजित होंगे।
आवश्यकता के अनुसार सार्वजनिक अवकाश और सप्ताहांत में भी विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा सकेंगे।
महाप्रबंधक, नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. मनोज शुकुल ने बताया कि अभियान के दौरान एचपीवी वैक्सीन गार्डासिल की एकल डोज लगाई जाएगी। टीकाकरण के बाद प्रत्येक लाभार्थी को कम से कम 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा।
टीका लगवाने के लिए खाली पेट न आने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रतिकूल घटना से निपटने के लिए सभी टीकाकरण स्थलों पर एईएफआई एवं एनाफिलेक्सिस किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
टीकाकरण से पहले अभिभावक अथवा संरक्षक की सहमति अनिवार्य होगी और एचपीवी टीकाकरण स्वैच्छिक है। लाभार्थियों का पंजीकरण यू-विन पोर्टल पर किया जाएगा तथा टीकाकरण गतिविधियों की डिजिटल निगरानी की जाएगी।
अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर, बैनर, रेडियो, ऑडियो संदेशों और अन्य आईईसी सामग्री का उपयोग किया जाएगा।



