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हाथों को धुलने से बीमारियों से होता बचाव: डॉ सलमान

  • हाथों की सफाई कीटाणुओं को फैलने से रोकने में सहायक

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। हाथों की धुलाई करने से कई बीमारियों को रोकने में सहायक बताया गया। बुधवार को वीरांगना अवंतीबाई जिला महिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान ने कहा कि साबुन और पानी से हाथ धोना कीटाणुओं को फैलने से रोकने और कई बीमारियों से बचने का आसान तरीका है। दस्त, सर्दी-जुकाम और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम करने में हाथों की सफाई अहम भूमिका निभाती है। हर साल 15 अक्टूबर को ग्लोबल हैंडवॉश डे मनाकर लोगों को इस आदत के प्रति जागरूक किया जाता है।

हाथ धोना क्यों जरूरी है। डॉ. सलमान के अनुसार हाथों की सही सफाई से कई बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है। उनके अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत बीमारियों को हाथ धोने की आदत से रोकने में मदद मिल सकती है। हम अक्सर आंख, नाक और मुंह छूते हैं, जिससे हाथों के कीटाणु शरीर में पहुंच सकते हैं। गंदे हाथों से कीटाणु भोजन, पानी और दरवाजों के हैंडल, मेज, रेलिंग व खिलौनों जैसी सतहों पर भी पहुंचते हैं। इनके संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है।

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, साबुन से हाथ धोने से दस्त के मामलों में 23 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। पेट की बीमारियों के कारण बच्चों के स्कूल से छुट्टी लेने के दिनों में 29 से 57 प्रतिशत तक कमी हो सकती है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में दस्त की बीमारी के मामलों में लगभग 58 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। आम लोगों में सर्दी-जुकाम जैसी सांस संबंधी बीमारियों के मामलों में 16 से 21 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।

डॉ. सलमान के अनुसार, हाथों की पूरी सफाई के लिए सुमन-के विधि अपनाएं। इसके छह चरण हैं। जिसमें पहला सीधा दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ें। दूसरा उल्टा दोनों हाथों के पीछे का हिस्सा साफ करें। तीसरा मुट्ठी उंगलियों के पिछले हिस्से को दूसरी हथेली पर रगड़ें। चौथा अंगूठा दोनों अंगूठों को पकड़कर गोल-गोल घुमाते हुए साफ करें। पांचवा नाखून उंगलियों के सिरों और नाखूनों के आसपास सफाई करें। छठा कलाई दोनों कलाइयों को अच्छी तरह रगड़ें। इसके बाद हाथों को साफ बहते पानी से धोकर हवा में सुखाएं।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को सिखाई जा रही हाथ धोने की आदत

बूचड़खाना आंगनबाड़ी केंद्र की सुपरवाइजर पूनम बताती हैं कि केंद्र पर आने वाले बच्चों को सुमन-के विधि से हाथ धोना सिखाया जाता है, ताकि वे बचपन से ही स्वच्छता की आदत अपनाएं।

यह कार्य करने से पहले जरूर धोएं हाथ

खाना बनाने और खाने से पहले, बच्चे को खाना खिलाने से पहले तथा स्तनपान कराने से पहले और बाद में साबुन-पानी से हाथ धोएं। शौचालय के इस्तेमाल के बाद और हाथ गंदे होने पर भी सफाई जरूरी है।

अस्पतालों में हाथों की सफाई जरूरी

डॉ. सलमान ने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों को मरीज को छूने से पहले और बाद में, कोई प्रक्रिया करने से पहले, रक्त, पेशाब या शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने के बाद और आसपास की वस्तुओं को छूने के बाद हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए। इससे अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सकता है।

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