उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबरराष्ट्रीय

नियमों को दरकिनार कर यूनानी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती

192 से अधिक कर्मियों की नियुक्ति,वेतन भुगतान लगातार जारी 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। यूनानी विभाग में दीपक तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

जिसमें चतुर्थश्रेणी आउटसोर्स कर्मियों की सेवायोजन कार्यालय से नियुक्तियां न करके अपने स्तर से नियुक्ति कर दी गयी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यूनानी विभाग की पोल तब खुली जब शिकायतकर्ता बीते वर्ष जुलाई 2025 में अनियमितता के

आधार पर की गई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों नियुक्ति पर प्रश्नचिन्ह लगाए थे । जबकि नियुक्ति प्रक्रिया बीते वर्ष 2024 में यूनानी निदेशालय उप्र में कार्यवाहक निदेशक प्रो जमाल अख्तर और कनिष्ठ सहायक इकबाल द्वारा चतुर्थ श्रेणी आउटसोर्सिंग कर्मियों की भर्तियां निकाली गई थी ।

जिसमें सेवायोजन कार्यालय के द्वारा भेजी गई संबंधित एजेंसी को अभ्यर्थियों की सूची में जिनका नाम पंजीकृत था। उन्हें नियुक्ति न देकर अपने चहेते सैकड़ो लोगों को नियुक्ति आदेश थमा दिया गया ।

जबकि नियमावली का प्रावधान कहता है कि सेवायोजन पोर्टल में आवेदन करने के पश्चात ही रेंडम सूची जिन अभ्यर्थियों का नाम भेजा गया,उन्हें ही नियुक्त करना चाहिए था। बल्कि उन्हें न करके अपने लोगों को नियुक्त करना मतलब भ्रष्टाचार को जन्म दे दिया गया।

जबकि शासन द्वारा आउटसोर्स के माध्यम से क्रमशः ग्रामीण क्षेत्र में 112 कर्मी और शहरी क्षेत्र में 33 कर्मी तथा युनानी कॉलेज प्रयागराज में चार कर्मचारी व यूनानी कॉलेज में चार कर्मी एवं औषधि निर्माण शाला में 10 कर्मियों की नियुक्ति की अनुमति प्रदान की गई थी।

फिर भी कार्यवाहक निदेशक प्रो जमाल अख्तर एवं मोहम्मद इकबाल द्रव्य संधि करते हुए युनानी कॉलेज प्रयागराज भाई नई कॉलेज लखनऊ में कुल 26 नियुक्तियां की गई है,जो घोर अनियमितता एवं वित्तीय घोटाले का प्रतिबिंब दिखाई दे रहा है।

वहीं जानकारों की माने तो कुल 192 नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करते हुए की गयी है, जो सेवायोजन के माध्यम से न करके अपने करीबी लोगों को नियुक्ति की गई है। ऐसा इसलिए जाहिर हो रहा है कि जब सेवायोजन कार्यालय से नियुक्ति करने का प्राविधान निहित है, तब क्यों बाहरी लोगों को नियुक्त करना चाहिए।

जबकि यह सभी नियुक्तियां प्रदेश स्तर के विभिन्न विभागों में नियुक्ति की गई। सूत्रों का कहना है कि इस नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता को देखते हुए वित्त नियंत्रक जावेद असलम द्वारा नियुक्त कर्मियों के मानदेय भुगतान की नोट सीट पर यह आपत्ति लगाई थी

कि नव नियुक्त कर्मियों की नियुक्ति शासनादेश दिसंबर 2019 को दिए गए निर्देशों के अनुसार जैम पोर्टल के माध्यम से नवनियुक्त कर्मियों को ही मानदेय भुगतान दिया जाए।

फिर भी कार्यवाहक निदेशक एवं कनिष्ठ सहायक इकबाल की नवीन नियुक्त कर्मियों पर बरसती मेहरबानी पर वित्त नियंत्रक की आपत्ति और शासनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए नियुक्त कर्मियों का भुगतान 2024 से निरंतर किया जा रहा है।

वहीं इस मामले को लेकर मेडिकल रिपोर्टर द्वारा महानिदेशक आयुष चैत्रा वी को कॉल की गयी जिसका कोई जवाब नहीं मिला। इसके अलावा प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री दया शंकर मिश्र दयालु को कॉल किया गया किसी कारणवश कॉल रिसीव नहीं हुई।

 

बैठक चल रही थी अभी बाहर निकला हूँ, अभी इसके बारे में जवाब नहीं दे सकता। कार्यालय आकर बात करिये।

प्रो जमाल अख्तर

कार्यवाहक निदेशक यूनानी सेवाएं उप्र

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button