स्थापना दिवस के साथ अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं एलुमनी मीट
न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग का मना 37वां स्थापना दिवस

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। स्थापना दिवस के साथ अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं एलुमनी मीट आयोजित की गयी। रविवार को
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के 37वें स्थापना दिवस के पर 18 से 20 सितंबर तक तीन दिवसीय शैक्षणिक एवं एलुमनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
जिसमें विभाग के पूर्व छात्र, देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, संकाय सदस्य, प्रतिनिधि एवं विभाग के शुभचिंतक एक मंच पर एकत्र हुए।
समारोह की शुरुआत 18 सितंबर को एलुमनी डे के साथ हुई। इस अवसर पर विभाग के पूर्व छात्रों को अपने शिक्षकों, सहकर्मियों एवं विभाग से पुनः जुड़ने का आत्मीय अवसर मिला।
एलुमनी मीट ने लगभग चार दशकों की विभागीय यात्रा के दौरान विकसित हुए मजबूत व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत संबंधों को और सुदृढ़ किया।
इसके बाद 19 एवं 20 सितंबर को 37वीं स्थापना दिवस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन संस्थान के लेक्चर थिएटर कॉम्प्लेक्स स्थित डॉ. एसएस अग्रवाल ऑडिटोरियम में किया गया।
इस वर्ष संगोष्ठी का विषय “प्रेसिशन हेल्थकेयर थ्रू नुक्लियर मेडिसिन : इमेजिनग बायोलॉजी , ट्रेटिंग डिजीज ” रहा।
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में यूरोप, अमेरिका तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान न्यूक्लियर मेडिसिन के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों पर व्यापक वैज्ञानिक चर्चा हुई।
इनमें थेरानोस्टिक्स, रेडियोफार्मास्यूटिकल्स एवं रेडियोकेमिस्ट्री, डोजिमेट्री-गाइडेड रेडियोन्यूक्लाइड थेरेपी, पीएसएमए रेडियोलिगैंड थेरेपी, न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर में थेरानोस्टिक्स एवं पीआरआरटी,
न्यूक्लियर कार्डियोलॉजी, डिफरेंशिएटेड थायरॉयड कैंसर, एफएपीआई इमेजिंग, अल्फा थेरेपी, नए मॉलिक्यूलर टारगेट्स तथा टोटल-बॉडी पीईटी, सीटी जैसे विषय प्रमुख रहे।
स्थापना दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण फाउंडेशन डे ऑरेशन रहा। जिसे स्विट्जरलैंड के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ज्यूरिख के सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट एवं कार्डियक इमेजिंग विशेषज्ञ डॉ. मेड. अजु पझेनकोट्टिल ने “बियॉन्ड द विसिबल
प्रेसिशन कार्डियोवासक्युलर मेडिसिन थ्रू इमेजिंग ” विषय पर प्रस्तुत किया। समारोह में दीप प्रज्वलन, संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के संबोधन, पौधारोपण, पूर्व विभागाध्यक्षों का सम्मान तथा विभाग के पूर्व संकाय सदस्यों स्वर्गीय प्रो. बीके दास एवं डॉ. एबी सेवाटकर का स्मरण भी किया गया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर विभाग ने संस्थान के नेतृत्व, पूर्व विभागाध्यक्षों, एलुमनी, देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों एवं सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जिनके निरंतर सहयोग एवं जुड़ाव ने विभाग की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विरासत को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विभाग ने वर्तमान संकाय सदस्यों प्रो. पीके प्रधान, प्रो. सुकांता बराई, प्रो. अमिताभ आर्या, प्रो. मनीष दीक्षित एवं डॉ. आफताब हसन नज़र, सहित सभी संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
उनके सामूहिक प्रयासों से स्थापना दिवस समारोह एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन संभव हो सका।
तीन दिवसीय समारोह का समापन शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, मॉलिक्यूलर इमेजिंग, रेडियोफार्मास्यूटिकल विज्ञान, थेरानोस्टिक्स एवं रोगी-केंद्रित प्रिसीजन हेल्थकेयर को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग का 37वां स्थापना दिवस समारोह विभाग की लगभग चार दशकों की उपलब्धियों एवं यात्रा का उत्सव होने के साथ-साथ अपने एलुमनी के साथ मजबूत संबंधों और न्यूक्लियर मेडिसिन के भविष्य के लिए विभाग की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक बना।



