रामकृष्ण मठ में कन्याओं की पूजा
देवी माँ के परिवार के कुल 83 सदस्यों की पूजा

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। रामकृष्ण मठ में शारदीय नवरात्रि पर कन्याओं की पूजा अर्चना की गयी। सोमवार को मठ के छः दिवसीय दुर्गा पूजनोत्सव श्रद्धाभाव के साथ पूजनोत्सव किया गया।
साथ ही सीधा प्रसारण मठ के आधिकारिक यूट्यूब चौनल ‘रामकृष्ण मठ, लखनऊ’ के माध्यम से भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम चौथे दिन देवी दुर्गा की महाष्टमी पूजा प्रातः 6ः15 बजे शास्त्रीय परंपरा के अनुसार शहनाई की मंगलध्वनि के साथ पूजा का शुभारंभ हुई ।
तत्पश्चात देवता की औपचारिक पूजा सुबह 6ः15 बजे महास्नान (एक छोटी पत्थर की छवि (वनलिंग) के रूप में देवता का विस्तृत स्नान) के साथ शुरू हुई।
इस प्रक्रिया के लिए लगभग 50 स्रोतों से लाए गए पानी का उपयोग मंत्रों के उचित जाप के साथ किया गया था। तत्पश्चात् लक्ष्मी गणेश, सरस्वती, कार्तिक जैसे अपने सभी परिवार के सदस्यों के साथ-साथ उनके वाहकों जैसे सिंह,
चूहा, उल्लू, हंस, मोर आदि के साथ देवी माँ के परिवार के कुल 83 सदस्यों की पूजा शास्त्रों के अनुसार की गई। स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज ने ‘शास्त्रार्थ जीवन में अपनाना चाहिए’ विषय पर ऑनलाइन सत्प्रसंग प्रवचन दिया।
स्वामी ने कहा कि शास्त्रार्थ का उद्देश्य केवल तर्क-वितर्क करना नहीं, बल्कि सत्य को जानना और जीवन को सही दिशा देना है। शास्त्रों की शिक्षाएँ हमें विवेक, सदाचार और विनम्रता का मार्ग दिखाती हैं।
इसलिए हमें शास्त्रों के ज्ञान को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। सच्चा शास्त्रार्थ वही है, जो हमारे विचारों को शुद्ध करे और हमें एक बेहतर इंसान बनाए।
सत्प्रसंग के पश्चात रामकृष्ण मिशन आश्रम, नरेंद्रपुर के स्वामी शिवधीशानन्द ने भक्तिगीत प्रस्तुत किए उस दौरान भातखंडे संगीत संस्थान, लखनऊ के श्री शुभम राज ने तबले पर संगत किया। वहीं
पंडाल में भक्तों के बीच देवी माँ के सजीव स्वरूप के रूप में एक 5 वर्षीया कन्या को भव्य रूप से सजाया गया और पूजा की गई। साथ ही भक्तों के लिए हवन एवं पुष्पांजलि का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने माँ दुर्गा को पुष्प एवं चंदन अर्पित किया। रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, मायलापुर, चेन्नई से पधारे स्वामी सत्यविदानन्द ने मंत्रोच्चार कराया।
इसके पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को फल-प्रसाद वितरित किया गया। जिसके पश्चात श्रद्धालुओं के बीच पका हुआ प्रसाद वितरित किया गया।
देवी के रात्रि भोज के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में चंडीगढ़ के प्रसिद्ध सितार वादक सुमित पदम सिंह ने राग रागेश्वरी की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनके साथ लखनऊ के जाने-माने तबला वादक उस्ताद इल्मास ख़ान ने तबले पर शानदार संगत की।
दोनों कलाकारों की सुरमयी जुगलबंदी ने कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महानवमी पूजा कल मंगलवार को सुबह 6ः15 बजे से जारी रहेगी।
दोपहर 12ः30 बजे से प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों को आमंत्रित किया गया।



