प्रयोगशाला से रोगी-सेवा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा- डॉ सीएम सिंह
साइटोस्पेक्ट्रो जेनेटिक्स प्रयोगशाला का उद्घाटन

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। चिकित्सा शिक्षा उपचार और शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रयोगशाला स्थापित की गयी। गुरुवार को
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के अकादमिक ब्लॉक स्थित शरीर रचना विज्ञान विभाग में अत्याधुनिक साइटोस्पेक्ट्रम जेनेटिक्स प्रयोगशाला का उद्घाटन संस्थान निदेशक डॉ. सीएम सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर संस्थान के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। डॉ सीएम सिंह ने कहा कि यह प्रयोगशाला संस्थान की रोगी-सेवा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में आनुवंशिक परीक्षणों का महत्व निरंतर बढ़ रहा है और यह प्रयोगशाला अनेक जटिल रोगों के सटीक निदान एवं उपचार योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान में यह सुविधा उपलब्ध होने से रोगियों को गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा कम लागत पर प्राप्त होंगी तथा अन्य केंद्रों पर निर्भरता कम होगी।
साथ ही विभागाध्यक्ष एवं डीन डॉ. राजन भटनागर ने बताया कि जेनेटिक परीक्षण आज विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में रोग निदान का अभिन्न अंग बन चुके हैं।
नई प्रयोगशाला प्रसूति एवं स्त्री रोग, शिशु रोग, मेडिसिन, एंडोक्राइनोलॉजी, ऑन्कोलॉजी तथा रिप्रोडक्टिव मेडिसिन जैसे विभागों को क्रोमोसोमल असामान्यताओं,
जन्मजात विकारों, विकासात्मक विलंब, बार-बार गर्भपात, बांझपन तथा विभिन्न आनुवंशिक सिंड्रोमों के निदान में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगी। इसी क्रम में
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि यह सुविधा रोगियों को समयबद्ध और किफायती जांच उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं कार्यकारी कुल सचिव डॉ. सुब्रतचंद्र ने संस्थान में अनुसंधान और उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाओं को सशक्त बनाने में इस प्रयोगशाला की भूमिका पर प्रकाश डाला।
एसोसिएट डीन डॉ. नवबीर पसरीचा ने कहा कि यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को आधुनिक जेनेटिक तकनीकों के अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगी तथा संस्थान को उन्नत आनुवंशिक निदान सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि संस्थान में अब रक्त एवं अस्थि मज्जा, सेकैरियोटाइपिंग जांच की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है।
यह जांच संस्थान में मात्र ₹ 1,980 की रियायती दर पर उपलब्ध होगी। जबकि संस्थान के बाहर सामान्यतः इसके लिए ₹4 ,500 से ₹ 5,000 तक का शुल्क लिया जाता है। इस सुविधा से रोगियों को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि सटीक एवं शीघ्रनिदान भी संभव हो सकेगा।



