देश में अपनी विशेषज्ञता विकसित करना जरूरी-डॉ एमएलबी भट्ट
कैंसर की जांच, पहचान और इलाज के लिए कार्यशाला

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। डॉक्टरों ने कैंसर की जांच, पहचान और इलाज के लिए जानकारी साझा की।
शनिवार को कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट में कैंसर की जांच, पहचान और इलाज के लिए वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित दिशा-निर्देश तैयार करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
जिसका उद्देश्य भारत में ऐसे दिशा-निर्देश तैयार करने की क्षमता बढ़ाना है, जो देश की जरूरतों और स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसार हों। वहीं
कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने किया। उन्होंने कहा कि भारत में स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश देश की बीमारियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जाने चाहिए।
इसके लिए देश में अपनी विशेषज्ञता विकसित करना जरूरी है।
सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. आयुष लोहिया ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य मरीजों को सही और बेहतर इलाज दिलाना है।
इससे मरीजों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उन्हें कोई विशेष इलाज क्यों दिया जा रहा है और डॉक्टर ने उस इलाज का चुनाव क्यों किया है। इससे मरीज अपने इलाज के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डॉक्टर के साथ मिलकर निर्णय ले सकेंगे।
तीन दिवसीय कार्यशाला में देश के 20 से अधिक प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इसमें वैज्ञानिक शोध की समीक्षा, उपलब्ध प्रमाणों की गुणवत्ता जांचने और उनके आधार पर स्वास्थ्य संबंधी सिफारिशें तैयार करने पर चर्चा हुई।
कार्यशाला में डॉ. रूपा हरिप्रसाद (DHR-ICMR, नई दिल्ली), प्रो. बलेंद्र प्रताप सिंह (KGMU, लखनऊ), डॉ. रिजवान एस.ए. (ICMR-NIE, चेन्नई), डॉ. विकास यादव (ICMR-NIREH, भोपाल), डॉ. विकास धीमान (DHR-ICMR, नई दिल्ली),
डॉ. रामशंकर रथ (AIIMS, गोरखपुर), डॉ. मान्या प्रसाद (AIIMS, नई दिल्ली) और डॉ. अभिषेक जायसवाल (IMS-BHU, वाराणसी) सहित कई विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।
इस कार्यशाला से डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर दिशा-निर्देश तैयार करने की प्रक्रिया समझने में मदद मिली।



