अयोध्या ने ही दुनिया को दीपावली का दिया पर्व – योगी आदित्यनाथ
36 लाख से अधिक दीपो से जगमग हुई अयोध्या

अयोध्या। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जन्मभूमि लाखों दीपो से जगमग हो उठी मानो त्रेतायुग की अनुभूति करा दिया हो। शनिवार को अयोध्या धाम
दीपोत्सव के 10वें संस्करण के अवसर पर प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन एवं राजतिलक की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए भव्य समारोह में पधारे भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पहुंचे।
जहाँ उपराष्ट्रपति सीपी राधा कृष्णन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मंत्री जयवीर सिंह, मंत्री राकेश सचान मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा दीपोत्सव के साक्षी बने।
वहीं श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता प्रभु हनुमान की शोभायात्रा निकाली गयी। शोभायात्रा के दौरान हेलीकाप्टर से फूलों की वर्षा होती रही। वहीं उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने भगवान स्वरुप श्रीराम माता सीता लक्ष्मण प्रभु हनुमान जी की पूजा आरती के साथ राज तिलक किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि
अयोध्या के समग्र विकास और उसकी चेतना को प्रभु श्रीराम की चेतना से जोड़ने के इस संकल्प में जिन पूज्य संतों का निरंतर सानिध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है, उन सभी पूज्य संतों का दीपोत्सव के 10वें संस्करण के अवसर पर हृदय से स्वागत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि
14 वर्षों के वनवास के पश्चात जब अयोध्या के राजकुमार प्रभु श्रीराम अयोध्या लौटे थे, तब अयोध्यावासियों ने जिस भव्य और दिव्य अयोध्या के दर्शन किए होंगे, आज का दीपोत्सव उसी स्मृति को जीवंत कर रहा है। जिसमें
रामचरितमानस में भी उस अलौकिक दृश्य का वर्णन किया गया।
अवधपुरी प्रभु आवत जानी।
भई सकल सोभा कै खानी।।
आज की अयोध्या उसी त्रेतायुगीन गौरव और वैभव का स्मरण करा रही है।
श्रीराम भारत की चेतना हैं।
श्रीराम भारत की संस्कृति हैं।
श्रीराम भारत के संस्कार हैं।
श्रीराम भारत के प्राण हैं।
श्रीराम भारत का आत्मसम्मान हैं।
अयोध्या स्मार्ट सिटी के साथ-साथ देश की पहली सोलर सिटी के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित कर चुकी है।
आज अयोध्या के धर्म पथ, भक्ति पथ, श्रीराम पथ और जन्मभूमि पथ जैसे भव्य मार्ग पूरी दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं।
मैंने कहा था- अयोध्या ने ही दुनिया को दीपावली का पर्व दिया है। इसलिए दीपोत्सव की परंपरा को यहीं से आगे बढ़ाना है।
लोग सोचते थे- क्या होगा अयोध्या में! हम कहते थे- चिंता मत कीजिए, हमारा संकल्प अवश्य पूरा होगा।
आज अयोध्या जगमगा रही है, त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
अयोध्या का दीपोत्सव सभी रामभक्तों के लिए एक संदेश है कि चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो, सामने कितना भी उफनता हुआ सागर या जंगल क्यों न हो; यदि नीयत साफ, नीति स्पष्ट हो और आपकी प्रतिबद्धता के पीछे सत्संकल्प हो, तो दुनिया की कोई ताकत ‘धर्ममेव जयते’ और ‘सत्यमेव जयते’ के लक्ष्य की प्राप्ति में बाधा नहीं बन सकती।
आज अयोध्या धाम में 36 लाख से अधिक दीपक प्रज्वलित हो रहे हैं।
ये दीपक उत्तर प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दूत बनकर यह आश्वासन देने आया हूं कि अब हमारी अयोध्या में ‘जय श्रीराम’ बोलने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता।
किसी ने भी हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास किया, तो उसे रावण जैसी दुर्गति भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
रामपथ पर ढोल-नगाड़ों की थाप..
रामपथ पर रामायण साकार हो उठी। ढोल-नगाड़ों की गूंज, लोक कलाकारों की थिरकन और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच जब रथों पर सजी झांकियां आगे बढ़ीं तो लगा मानो त्रेतायुग अयोध्या की धरती पर उतर आया हो।
कहीं प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के दिव्य स्वरूप, कहीं गदा उठाए बजरंगबली का पराक्रम। रामायण के प्रसंगों का सजीव मंचन श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रहा था। शोभायात्रा में महिला कलाकार कंधों पर ढोल रखकर थाप दे रही थीं।
नगाड़ों और ताशों की गूंज के बीच कलाकारों के करतब और विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य रामपथ को उत्सव के विराट मंच में बदल रहे थे।
दर्शकों की आंखों में श्रद्धा, चेहरों पर उल्लास और वातावरण में रामनाम की गूंज। दसवें दीपोत्सव की शोभायात्रा में आस्था, संस्कृति और परंपरा का ऐसा संगम दिखाई दिया, जिसने अयोध्या की भव्यता को एक नया आयाम दिया।
पर्यटन मंत्री ने शोभायात्रा को दिखाई हरी झंडी..
साकेत महाविद्यालय से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब तीन किलोमीटर का सफर तय कर शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची।
इस बार शोभायात्रा में 21 भव्य झांकियां शामिल हैं। इनमें 14 झांकियां योगी सरकार की उपलब्धियों और सात झांकियां रामायण के सातों कांडों पर आधारित हैं।
बालकांड में रामजन्म और बाल लीलाओं से लेकर अयोध्याकांड में वनगमन, अरण्यकांड में वनवास के प्रसंग, किष्किन्धाकांड में सुग्रीव और हनुमान से मिलन, सुंदरकांड में बजरंगबली का पराक्रम,
लंकाकांड में रावण के साथ युद्ध और उत्तरकांड की कथा को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया गया। एक के बाद एक आगे बढ़ती झांकियां दर्शकों को रामायण की संपूर्ण गाथा का दर्शन करा रही थीं।
जल जीवन मिशन, ओडीओपी, कृषि एवं पशुपालन, आयुष्मान कैशलेस योजना, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत, उत्तर प्रदेश पुलिस, मिशन शक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना,
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आत्मनिर्भर नारी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की झांकियों में प्रदेश की विकास यात्रा भी दिखाई दी। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने शोभायात्रा को सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत संगम बना दिया।
दीपोत्सव अब पूरे विश्व का पर्व बन चुका..
शोभायात्रा की भव्यता देखकर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि दीपोत्सव अलौकिक, दिव्य और भव्य है। आज शाम होने वाला दीपोत्सव का कार्यक्रम भी अत्यंत भव्य होगा। सनातनियों के लिए इससे बड़ा गौरव का पर्व कोई हो ही नहीं सकता।
हम हर वर्ष पिछले वर्ष का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हैं और इस बार भी नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे। दीपोत्सव अब केवल उत्तर प्रदेश का आयोजन नहीं, बल्कि पूरे विश्व का पर्व बन चुका है। सातों कांडों की झांकियां राम में अयोध्या, सनातन में अयोध्या और विरासत में अयोध्या का दर्शन करा रही हैं।
श्रद्धालुओं ने सराहा रामायण के प्रसंगों का सजीव मंचन..
शोभायात्रा के साक्षी बने उन्नाव के सुशील कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अयोध्या का ऐसा दिव्य और भव्य स्वरूप देखने को मिल रहा है।
दीपोत्सव और शोभायात्रा देखकर मन आनंदित हो गया। जौनपुर से आए राम कुमार ने रामायण की झांकियों और कलाकारों की प्रस्तुतियों को सराहा। बलरामपुर की सुशीला ने कहा कि रामकथा के सजीव मंचन और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया।



