उप्र में 1.23 लाख करोड़ रुपये की लागत से आठ ग्रीन एक्सप्रेसवे का होगा निर्माण- नितिन गडकरी
राजनाथ सिंह,नितिन गडकरी,योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेस वे का किया लोकार्पण

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। अब रजाधानी से कानपुर पहुंचने में देरी नहीं लगेगी। सोमवार को
प्रदेश को विश्वस्तरीय सड़क अवसंरचना को गति देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे का फीता काटकर लोकार्पण किया।
साथ ही ₹4,850 करोड़ से अधिक की लागत वाली लगभग 95 किलोमीटर लंबी तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इनमें कानपुर–लखनऊ 6-लेन एक्सप्रेसवे तथा हरदोई–लखनऊ सीमा से लखनऊ रिंग रोड तक 4-लेन निर्माण (NH-731, पैकेज-4) का लोकार्पण तथा इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे (NH-24A) पर 4-लेन फ्लाईओवर का शिलान्यास शामिल है। वहीं
परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आगामी दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा इसका दिसम्बर से पहले भूमिपूजन हो जायेगा। श्री गडकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क अवसंरचना विकसित होगी, आवागमन सुगम बनेगा तथा औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।
नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 1.23 लाख करोड़ रुपये की लागत से आठ ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। नितिन गडकरी ने कहा कि लखनऊ के शहीद पथ पर 23 किलोमीटर लम्बे विश्वस्तरीय मल्टी-लेयर कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत दो फ्लाईओवर, मेट्रो और मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) को एकीकृत किया जाएगा, जिससे राजधानी में यातायात अधिक सुगम, तेज और आधुनिक बनेगा तथा शहरी परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि किसी भी देश के विकास की मजबूत नींव उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर जल, ऊर्जा, परिवहन और संचार पर आधारित होती है।
उन्होंने कहा कि सुदृढ़ अवसंरचना से व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। जिससे पूंजी निवेश बढ़ता है।
निवेश में वृद्धि के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होते हैं और रोजगार के माध्यम से गरीबी, भूखमरी तथा बेरोजगारी जैसी समस्याओं को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है।
नितिन गडकरी ने कहा कि लगभग 1,750 करोड़ रुपये की लागत से आनंदनगर महाराजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से श्रावस्ती आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए लुंबिनी (नेपाल) तक की यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक होगी। साथ ही, इससे भारत-नेपाल के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा तथा क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
63 किमी दूरी लखनऊ -कानपुर एक्सप्रेस वे..
लोकार्पित कानपुर–लखनऊ 6-लेन एक्सप्रेसवे लगभग 63 किलोमीटर लंबा है। जिस पर लगभग ₹4,200 करोड़ की लागत आई है।
इसके संचालन से कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा समय लगभग तीन घंटे से घटकर मात्र 40 मिनट रह जाएगा। इससे यात्रियों के समय एवं ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण में कमी आएगी तथा मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों पर निर्मित इस एक्सप्रेसवे में 3 इंटरचेंज, 2 फ्लाईओवर, 1 रोड ओवर ब्रिज (ROB), 4 प्रमुख पुल, 25 लघु पुल, 12 व्हीक्युलर अंडरपास, 14 लाइट व्हीक्युलर अंडरपास,
11 पैदल अंडरपास तथा यात्रियों की सुविधा के लिए 2 रेस्ट एरिया विकसित किए गए हैं। बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था, 90 बॉक्स कलवर्ट एवं लगभग 1.47 लाख वर्गमीटर आरएस वॉल का निर्माण भी किया गया है।
एक्सप्रेस वे पर निगरानी तंत्र विकसित..
सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सुसज्जित किया गया है।
जिसके अंतर्गत 21 वैरिएबल मैसेज साइन, 63 PTZ कैमरे, 27 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम, 62 इमरजेंसी कॉल बॉक्स, 6 स्पीड मेजरमेंट रडार तथा 9 स्टेटिक वे-ब्रिज स्थापित किए गए हैं।
यह एक्सप्रेसवे किसानों को कृषि उत्पादों की शीघ्र ढुलाई, उद्योगों को तेज परिवहन सुविधा तथा नागरिकों को शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराएगा।
साथ ही इसके आसपास वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक इकाइयों, पर्यटन एवं आवासीय विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
दूसरी लोकार्पित परियोजना के अंतर्गत हरदोई–लखनऊ सीमा से लखनऊ रिंग रोड तक लगभग 32 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का 4-लेन चौड़ीकरण लगभग ₹541 करोड़ की लागत से किया गया है।
इस परियोजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी तथा यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। विश्वप्रसिद्ध मलिहाबाद आम क्षेत्र के किसानों को अपने उत्पाद देश-विदेश के बाजारों तक कम समय में पहुंचाने में सुविधा होगी।
जिससे उनकी आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी। बेहतर यातायात व्यवस्था के कारण वाहनों का ठहराव कम होगा, ईंधन की खपत घटेगी तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
साथ ही लखनऊ एवं हरदोई के बीच ट्रैफिक जाम में कमी आने के साथ सीतापुर रोड, मोहन रोड, हरदोई रोड तथा आसपास के प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।
1 किलोमीटर लंबे 4-लेन फ्लाईओवर..
इस अवसर पर इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर लगभग 1 किलोमीटर लंबे 4-लेन फ्लाईओवर का भी शिलान्यास किया गया।
लगभग ₹109 करोड़ की लागत से बनने वाली यह परियोजना इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं लॉ कॉलेज सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संस्थानों तक आवागमन को अधिक तेज एवं सुविधाजनक बनाएगी।
इसके साथ ही सीतापुर रोड, फैज़ाबाद रोड, जानकीपुरम, अलीगंज, कुर्सी रोड, विकास नगर, टेढ़ी पुलिया एवं खुर्रम नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
सुचारु यातायात से वाहनों के ठहराव में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी तथा कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा।
इस मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत अन्य मंत्री, पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।



