प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ को मिली निराशा, आंदोलन करने का फूटा गुस्सा
मांगों को ले प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ प्रतिनिधि मण्डल महानिदेशक से मिला

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। चिकित्सकों की मांगों को लेकर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ प्रतिनिधि मंडल ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवायें उत्तर प्रदेश से मुलाकात की।
मंगलवार को पीएमएस अध्यक्ष डॉ यशवीर सिंह एवं महासचिव डॉक्टर शरद वैश्य के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ पवन कुमार अरुण से मुलाक़ात की।
बीते दिनों प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा 29 जून को महानिदेशक को संघ के पत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश चिकित्सा सेवा नियमावली-2020 में आवश्यक संशोधनों के संबंध में विस्तृत वार्ता के लिए समय का आग्रह किया गया था।
इसी क्रम में मंगलवार को बैठक के लिए समय प्रदान किया गया। जिसमें प्रतिनिधि मण्डल को निराशा के अलावा कुछ नहीं मिला।
अध्यक्ष डॉ यशवीर सिंह ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि चिकित्सकों के भविष्य से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर 15 दिनों के लंबे इंतजार के बाद बैठक का समय दिया गया। जिसमें कोई सकारात्मक पहल या गंभीरता देखने को नहीं मिली।
बैठक के दौरान केंद्रीय कार्यकारिणी ने नियमावली संशोधन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को विस्तार से रखा गया। फिर भी महानिदेशक द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण नहीं अपनाया।
उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए केवल यह कहकर बात समाप्त कर दी कि “आप लोग जाइए, हम देखते हैं। ऐसा आश्वासन मिलने पर संघ पदाधिकारियों में भारी नारजगी व्याप्त हो गयी। डॉ सिंह ने कहा
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने ही विभाग के चिकित्सकों के हितों, उनके सेवा भविष्य तथा न्यायोचित मांगों के प्रति विभागीय स्तर पर अपेक्षित संवेदनशीलता एवं सहयोग नहीं मिल रहा है।
जब विभाग के सर्वोच्च अधिकारी ही चिकित्सकों की वर्षों पुरानी और न्यायसंगत मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाते, तो यह पूरे चिकित्सक समुदाय के लिए चिंता का विषय है।
ऐसी परिस्थितियों में केंद्रीय कार्यकारिणी यह स्पष्ट करने के लिए बाध्य है कि विभागीय स्तर पर अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है। यदि चिकित्सकों के हितों की लगातार उपेक्षा की जाती रही, तो संघ अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएगी।
उन्होंने चिकित्सको से आग्रह करते हुए कहा कि वे संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहें, एकजुट रहें और आगामी आंदोलन के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें।
यदि हमारी न्यायोचित मांगों की अनदेखी जारी रही, तो बहुत जल्द उत्तर प्रदेश प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ पूरे प्रदेश में जोरदार विरोध-प्रदर्शन एवं आंदोलन का शंखनाद किया जायेगा।
एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। संगठन मजबूत होगा, तभी चिकित्सकों का सम्मान और अधिकार सुरक्षित रहेगा। नियमावली संशोधन पर ठोस आश्वासन न मिलने से संघ में भारी नाराज़ है।
डॉ सिंह ने कहा चिकित्सकों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। चिकित्सकों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर विभाग की उदासीनता के चलते संघ ने कड़ा विरोध जताना शुरू कर दिया है।



