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एफएसडीए टीम ने नकली दवाओं की पकड़ी बड़ी खेप 

ओमनी कार में नकली दवा बरामद, आरोपी गिरफ्तार 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। एफएसडीए की टीम को नकली दवाओं को पकड़ने में बड़ी कामयाबी मिली है।

प्रदेश भर में ‘काउंटरफीट और स्पूरियस’ दवाओं के पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम में एक बड़ी सफलता हासिल की है ।

बीते गुरुवार की रात्रि को औषधि प्रशासन एवं स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर थाना बक्शी का तालाब क्षेत्र के अंतर्गत किसान पथ, मामपुर खण्डंजा मार्ग पर घेराबंदी कर भारी मात्रा में अवैध नकली जीवनरक्षक दवाओं का जखीरा बरामद किया है।

वहीं विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में नामजद प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, तथा मौके से एक अभियुक्त को पुलिस हिरासत में लिया गया है।

नकली दवाओं की सप्लाई में मिला वाहन..

नकली दवाओं को अमीनाबाद दवा बाजार में खपाए जाने की गोपनीय सूचना पर विभाग और पुलिस बल थाना बीकेटी की संयुक्त टीम द्वारा किसान पथ पर एक संदिग्ध ओमनी वैन (संख्या: UP32BW7091) को रोका गया।

वाहन की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में गत्तों के कार्टन में भरी दवाएं बरामद हुई। वहीं

वाहन में सवार व्यक्तियों में भूपेन्द्र सिंह पुत्र रामकिशन सिंह निवासी बाजार गांव पकरा, माल, लखनऊ के चालक अंकित शाहू से जब दवाओं के वैध लाइसेंस, क्रय-विक्रय बिल अथवा परिवहन संबंधी दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी प्रपत्र नहीं दिखा सकें ।

मौके पर बरामद दवाओं में..

टीम ने तत्काल मौके पर बरामद दवाओं अल्कासोल शुगर फ्री 100ml (डिसऑडियम Hydrogen Citrate Solution) बैच सं LB126H156A1A (956 बॉटल) एवं LB126G129A1A (107 बॉटल) पर अंकित निर्माता

फर्म M/s Stadmed Private Limited, सरोजनी नगर इंडस्ट्रियल एस्टेट, लखनऊ के गुणवत्ता नियंत्रण प्रबंधकों को बुलाकर मूल सैम्पल से मिलान कराया गया।

बोतल के रंग, कैप का आकार, उस पर ‘PmP’ लोगो का न होना तथा लेबल की छपाई व फॉन्ट में भारी तकनीकी भिन्नताएं पाई गई। जिसके आधार पर निर्माताओं ने लिखित रूप में इसे नकली (Spurious) प्रमाणित किया ।

Mucaine Gel 200ml Mint Flavour (Anesthetic Antacid Gel) बैच संख्या 2620090E (848 बॉटल) पर अंकित निर्माता M/s Pfizer Limited, उप्पल, हैदराबाद की बहुराष्ट्रीय कंपनी फाइजर लि. की इस दवा के

लेबल पर “30°C” के स्थान पर “30C”, “टीस्पूनफुल ” के स्थान पर “Teaspoonsful” तथा “मेडिकल प्रैक्टिशनर ” के स्थान पर “मेडिसिनल प्रैक्टिशनर ” जैसी गंभीर वर्तनी की त्रुटियां पाई गई, जो मूल कंपनी द्वारा किया जाना संभव नहीं है।

एफएसडीए की टीम का कहना है कि इससे स्पष्ट है कि इन दवाओं का निर्माण किसी अवैध सिंडिकेट द्वारा अत्यंत असुरक्षित व अनाधिकृत स्थान पर कूटरचना के माध्यम से किया जा रहा था। रूबीरेड 200ml (Ferrous Ascorbate, Folic Acid Suspension

बैच संख्या 18260226A (246 बॉटल) निर्माता फर्म M/s Macleods Pharmaceuticals Ltd., सिक्किम का विस्तृत भौतिक परीक्षण किया गया।

आरोपी भूपेन्द्र सिंह द्वारा स्वीकार किया गया कि वह यह दवाएं अपने दूर के रिश्तेदार राज विक्रम सिंह पुत्र वीरेन्द्र सिंह निवासी रायपुर बाबू, महिगवां, लखनऊ तथा विनीत सिंह के निर्देश पर उनके द्वारा मामपुर बाना बीकेटी में

किराए पर लिए गए एक मकान से निकालकर लखनऊ के मुख्य दवा बाजार अमीनाबाद में खपाने के लिए ले जा रहा था। इसी आधार पर थाना बक्शी का तालाब में औषधि निरीक्षक की तहरीर पर निम्न अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर भूपेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया गया।

जांच टीम द्वारा नियमानुसार संदिग्ध औषधियों के 04 वैधानिक नमूने संग्रहीत कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे दिए है शेष दवाओं को सीज किया गया जिसका मूल्य लगभग रुपये 4.37 लाख कीमत आँकी जा रही है।

प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने पर औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 के तहत सक्षम न्यायालय में परिवाद दाखिल करने की अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।

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