स्वास्थ्य सेवाओं में प्रभावी ढंग से लागू करना समय की आवश्यकता- ब्रजेश पाठक
देश भर से स्वास्थ्य विशेषज्ञ हुए शामिल

अयोध्या। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। अयोध्या में इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटेंसिव केयर एंड पेरिऑपरेटिव मेडिसिन (ISICPM-2026) के तृतीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश भर से स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए।
रविवार को मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने जनपद अयोध्या में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ द्वारा
गंभीर मरीजों की देखभाल, उपचार की आधुनिक पद्धतियों एवं औषधीय प्रबंधन से संबंधित विषयों पर आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटेंसिव केयर एंड पेरिऑपरेटिव मेडिसिन आईएसआईसीपीएम-2026 के तृतीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर रोगियों को ऑपरेशन से पहले और ऑपरेशन के बाद बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चिकित्सा के क्षेत्र में दुनिया में हो रहे नवीनतम प्रयोगों, आधुनिक उपचार पद्धतियों और तकनीकों का अध्ययन कर उन्हें प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में प्रभावी ढंग से लागू करना समय की आवश्यकता है।
इसी उद्देश्य से इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसमें देशभर के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों एवं चिकित्सा संस्थानों से विशेषज्ञ चिकित्सक एवं प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से सम्मेलन में आए सभी चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है।
वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुआ है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या और चिकित्सा सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वर्तमान में प्रदेश में 85 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रहे हैं तथा वर्ष 2017 से अब तक 45 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसके निकट ही बेहतर, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं और चिकित्सा संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अयोध्या मेडिकल कॉलेज जुडा स्पोक एंड हब’ से..
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एसजीपीजीआई, लखनऊ के ‘स्पोक एंड हब’ कार्यक्रम से राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, अयोध्या को भी जोड़ा गया है।
इसके माध्यम से एसजीपीजीआई में उपलब्ध विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों की विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ अयोध्या मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर मरीजों को ऑनलाइन परामर्श के माध्यम से मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेज इस ‘स्पोक एंड हब’ व्यवस्था से जुड़े हुए थे और अब अयोध्या मेडिकल कॉलेज के जुड़ने से इसकी पहुंच और मजबूत हुई है।
इससे गंभीर रोगियों के उपचार में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक रेफर करने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।
चिकित्सकों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान..
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का अधिकतम उपयोग, चिकित्सकों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान तथा निरंतर अनुसंधान और नवाचार ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकार चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञ संस्थानों को और मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक अभय सिंह, विधायक चंद्रभानु पासवान, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पांडेय, एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमन, राजर्षि दशरथ ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, अयोध्या के
प्राचार्य प्रो. दिनेश सिंह, इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटेंसिव केयर एंड पेरिऑपरेटिव मेडिसिन के अध्यक्ष प्रो एसपी अमरीश, आयोजन अध्यक्ष प्रो. संजय, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. जेपी तिवारी, आयोजक सचिव प्रो. पुनीत गोयल सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।



