डॉक्टरों में आज दिखी एकजुटता – डॉ पवन कुमार अरुण
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। हम भी इसी डॉक्टरी पेशे से हूँ, ऐसा नहीं की कठिनाइयों का सामना नहीं किया। उस दौर में डॉक्टरों में एकजुटता नहीं थी। आज यह एकजुटता देखने को मिल रही है।
वह दिन दूर नहीं जब सभी मांगे पूरी होंगी। यह बातें रविवार को बारिश के बीच प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ द्वारा रेग्नेंट होटल में आयोजित केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य उप्र डॉ पवन कुमार अरुण ने कही।
उन्होंने कहा कि ऐसे ही एकता होनी चाहिए। वैसे भी कहने से बेहतर है मांगो को पूरा कर देना । इसी मंशा के साथ कार्य किया जा रहा है। बैठक के दौरान प्रदेश के समस्त जनपदों से लगभग 500 से अधिक चिकित्सक शामिल रहे ।
वहीं बैठक के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं मंत्री चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश ब्रजेश पाठक द्वारा शासकीय व्यस्तता के चलते शामिल नहीं हो सके।
उन्होंने अपना लिखित संदेश प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ अध्यक्ष डॉ यशवीर सिंह को भेजकर खेद व्यक्त करते हुए कार्यकारिणी द्वारा लिये जाने वाले निर्णयों एवं माँगों के सम्बन्ध में सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। इसी क्रम में संघ प्रांतीय अध्यक्ष डॉ यशवीर सिंह ने कहा कि
संवर्ग की मुख्य समस्या नियमावली 2020 में अविलंब संशोधन किए जाने की माँग जोर शोर से उठायी। उन्होंने इस नियमावली 2020 के कारण पदोन्नतियां बाधित हो गई है। जिसके कारण पद रिक्त नहीं हो पा रहे नतीजतन नयी भर्तियां नहीं हो पा रही हैं।
सेवा निवृत्ति की आयु 60 वर्ष वापस किए जाने एवं उसके पश्चात् चिकित्सकों से विकल्प लेकर पुनर्नियोजन किया जाए। इसके अतिरिक्त समयबद्ध विशिष्ट एसीपी, समयबद्ध वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (ACR), लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को तय समय सीमा में खत्म किया जाए।
सार्वजनिक अवकाश के दिनों में मध्याह्न ओपीडी की व्यवस्था समाप्त करने, कनिष्ठों के अधीन वरिष्ठ चिकित्सकों से कार्य न कराए जाने इत्यादि समस्याओं के सम्बन्ध में एकमत से आवाज़ उठाई गई। डॉ सिंह ने कहा कि कई वर्षो से डॉक्टरों की भर्तियां नहीं की जा रही है।
यह भी कहने का विषय नहीं है इसे अविलम्ब किया जाना चाहिए। डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। इन सभी बिन्दुओं पर अब कार्रवाई होनी चाहिए। सिर्फ आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा।
प्रदेश के सभी चिकित्सक इन समस्याओं को लेकर काफी व्यथित एवं निराश हैं। साथ ही संघ महासचिव डॉ शरद वैश्य ने डॉक्टरों की प्रमुख मांगो को दोहराते हुए कहा की डॉक्टरों की उम्र बढ़ाने से कमी पूरी नहीं हो सकती है। यह भी बताने का विषय नहीं है। जहाँ डॉक्टरों की कमी है उसे पूरा किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य,डॉ पवन कुमार अरुण,महानिदेशक परिवार कल्याण, महानिदेशक प्रशिक्षण, निदेशक पैरामेडीकल, विशेष सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, अपर निदेशक (कार्मिक) समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।



