आलू भाव गिरावट से बचाने को भामाशाह भाव स्थिरता कोष की शुरुआत

- एग्रीटेक पोर्टल पर पंजीकृत आलू उत्पादक कृषक होंगे पात्र
- बाजार में आलू के दामों में होने वाली गिरावट से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष की शुरुआत
अजय सिंह चौहान
लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। आलू किसानों के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष की शुरुआत की गयी। शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आलू उत्पादक किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने तथा बाजार में आलू के दामों में होने वाली गिरावट से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना एवं भण्डारण प्रभार पर अनुदान की योजना की शुरुआत की गई है।
जिला उद्यान अधिकारी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आलू उत्पादक किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने तथा बाजार में आलू के दामों में होने वाली गिरावट से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना एवं भण्डारण प्रभार पर अनुदान की योजना की शुरुआत की गई है।
जिला उद्यान अधिकारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की योजना-यदि बाजार में आलू की कीमतें अत्यधिक गिरती हैं,तो आलू उत्पादक कृषकों को अनुदान के तहत निर्धारित आलू के न्यूनतम उत्पादन लागत का 25 प्रतिशत अथवा न्यूनतम उत्पादन लागत एवं बिक्रीत दर के अन्तर की धनराशि जो कम हो, देय होगा।
प्रति कृषक अधिकतम 02 हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल, प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 कुन्तल उत्पादन अनुमन्य अनुदान देय होगा। आलू रोपित क्षेत्रफल का निर्धारण अद्यतन निर्गत खसरा खतौनी के आधार पर निर्धारित होगा एवं कृषक आईडी धारक एवं एग्रीटेक पोर्टल पर पंजीकृत आलू उत्पादक कृषक ही पात्र होगें।
आवेदन करने के लिए फोटोयुक्त वैध पहचान पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक पासबुक की छायाप्रति, खसरा खतौनी, एवं गेट पास एवं प्रपत्र-06 (व्यापारी एवं आलू कृषक के मध्य क्रय-विक्रय का विवरण) की छायाप्रति अनिवार्य है।
उन्होंने यह भी बताया कि इच्छुक आलू उत्पादक कृषक योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए https://potato.uphorticulture.in पर पंजीकरण कर सकते हैं। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।



