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एच1एन1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं- डॉ एनबी सिंह 

एनफ्लूएन्जा एच1एन1 के 4 नये रोगी मिले 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में एनफ्लूएन्जा एच1एन1 के 4 नये रोगी पाये गये।

किसी भी आपात स्थिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के हेल्पलाइन नम्बर 0522-2622080 पर संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार, जुकाम, खांसी या इस तरह के दूसरे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर से सलाह लें और जरूरत पड़ने पर जांच और इलाज कराएं। उन्होंने लोगों से खुद दवा लेने या किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराने से बचने की भी अपील की। वहीं

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एनबी सिंह ने अपील की है कि एच1एन1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। अनावश्यक पैनिक से बचें और बीमारी से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोतों पर ही विश्वास करें।

जानें इंफ्लूएंजा एच1एन1के बारे में..

इंफ्लूएंजा एक सामान्य वायरल बीमारी है, जो इंफ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। एच1एन1 इसी वायरस का एक प्रकार है और यह मुख्य रूप से सांस से जुड़ी बीमारी पैदा करता है।

इस बीमारी के प्रमुख लक्षणो में 

बुखार, खांसी, नाक बहना, गले में खराश, सिर दर्द, बदन में दर्द, ठंड लगना, आंखों में लालिमा

होना इसके प्रमुख लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। इसका एक से चार दिन का इन्क्यूबेशन पीरियड होता है।

एच1एन1 वायरस से संक्रमित होने के बाद आमतौर पर दो से तीन दिन में लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसका इन्क्यूबेशन पीरियड एक से चार दिन तक हो सकता है। कुछ मामलों में यह अवधि सात दिन तक भी हो सकती है।

संक्रमण के प्रमुख कारण..

एच1एन1 एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने और छींकने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों के जरिए फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित वस्तुओं या सतहों को छूने, हाथ मिलाने और हाथों की ठीक से सफाई न करने से भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।

इन्हें सावधानी की जरूरत..

👉 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग।

👉 गर्भवती महिलाएं।

👉 रक्त संबंधी बीमारी, डायबिटीज, तंत्रिका तंत्र की बीमारी, कैंसर या एचआईवी, एड्स से पीड़ित लोग।

👉 फेफड़े, हृदय, किडनी या लीवर की बीमारी से पीड़ित लोग।

👉 लंबे समय से कॉर्टिसोन जैसी दवाओं का इलाज ले रहे मरीज।

बचाव के लिए क्या करें..

👉 खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को कपड़े या रुमाल से ढकें।

👉 बातचीत करते समय करीब एक से डेढ़ मीटर की दूरी बनाए रखें।

👉 हाथ मिलाने से बचें।

👉 हाथ मिलाने या संक्रमित वस्तु को छूने के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।

👉 भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

👉 बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण होने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।

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