बीएलओ चुनावी प्रक्रियाओं के विश्वास और पारदर्शिता के भंडार -ज्ञानेश कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीएलओ से किया सीधा संवाद

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ से सीधा संवाद किया।
मंगलवार को इंदिरागाँधी प्रतिष्ठान में आयोजित बीएलओ संवाद कार्यक्रम में दौरे के दूसरे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
जिसमें प्रदेश भर से लगभग 500 से अधिक बी एल ओ और 30 बी एल ओ पर्यवेक्षक शामिल रहे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के कर्तव्यों की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का मूलभूत स्तंभ बताया।
उन्होंने कहा कि भारत में मतदाता सूचियों की तैयारी और चुनावों का संचालन भारत के संविधान, कानून और ईसीआई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सख्ती से किया जाता है।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बीएलओ चुनावी प्रक्रियाओं के विश्वास और पारदर्शिता के भंडार हैं और वे नागरिकों के साथ भारत के चुनाव आयोग का पहला इंटरफ़ेस हैं।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि यूपी के बीएलओ ने मतदाता सूचियों की तैयारी में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और निभाते रहेंगे।
इस साल अप्रैल में राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पूरा होने के बाद, उत्तर प्रदेश में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 13.39 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल किए गए थे।
यह अभ्यास 1.77 लाख बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) द्वारा समवर्ती ऑडिट के साथ किया गया था।
बैठक के हिस्से के रूप में बीएलओ ने सीईसी के साथ प्रश्न-उत्तर सत्र भी किया। बीएलओ को बातचीत के माध्यम से सीधे अपनी शंकाओं को स्पष्ट करने का अवसर मिला।



