रेलवे की प्रीमियम वाणिज्यिक परियोजना पर उठे सवाल
संगठन पदाधिकारी ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। रेलवे की प्रीमियम वाणिज्यिक परियोजना कारोबारियों के लिए मुसीबत बन गई। गुरुवार को आर 1 आर 2 कमर्शियल काम्प्लेक्स व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता में रेलवे की परियोजनाओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
विभूति खण्ड स्थित गोमती नगर रेलवे स्टेशन से जुड़ी प्रीमियम वाणिज्यिक परियोजना में अत्यधिक विलंब से आवंटियों को आर्थिक एवं मानसिक क्षति हो रही है।
वर्ष 2020-21 में RLDA द्वारा निर्माण-आधारित भुगतान योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशन से जुड़ी प्रीमियम वाणिज्यिक परियोजना का आवंटन किया गया था।
परियोजना में दो टावर R1 और R2 हैं। जिसमें लगभग 150 से 200 स्वतंत्र आवंटी अपने आवंटित वाणिज्यिक स्थान के मूल्य का लगभग 95% भुगतान कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि
परियोजना का कब्जा 30 सितंबर 2023 तक दिया जाना निर्धारित था। फिर भी आज तक ना तो कार्य पूरा किया गया है और ना ही कब्जा दिया गया है।
इसके अलावा अब तक किसी भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्पष्ट एवं अंतिम कब्जा तिथि घोषित नहीं की गई है। जिससे आवंटियों को भारी आर्थिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संगठन का कहना है कि अनेक आवंटियों ने बैंक से ऋण लेकर, घर का सोना गिरवी रखकर, अपना आवास बेचकर ( किराए के मकान में रहकर) अपनी जीवनभर की सेवानिवृत्ति निधि निवेश कर इस परियोजना में धन लगाया था, ताकि वे अपना व्यवसाय प्रारंभ कर सकें और आजीविका अर्जित कर सकें।
वर्षों से परियोजना अधूरी होने के कारण वे ऋण की ईएमआई, किराया एवं अन्य वित्तीय दायित्वों का बोझ उठाने को विवश हैं। कुछ आवंटियों की मानसिक एवं आर्थिक दशा अत्यंत दयनीय हो गई है तथा रेल विभाग के असंवेदनशील रवैये से अवसाद की स्थिति में आ गये है।
शिकायतों के समाधान के लिए ईमेल द्वारा परियोजना कार्यालय, नई दिल्ली स्थित कार्यालय में अनेकों बार संपर्क करने के बावजूद केवल एक बार आश्वासन मात्र निर्माण कार्य शीघ्रपूर्ण करने का प्राप्त हुआ है। जबकि अधिकांश शिकायतें अनसुनी कर दी गयी।
इसके संबंध में आवंटियों द्वारा उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटकाया गया। आदेश में उच्च न्यायालय द्वारा निर्माण कार्य में शीघ्रता लाने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद निर्माण प्रगति ठप है। जिससे न्यायालय के निर्देशों की भी प्रभावी अनुपालना नहीं हो रही है।
ऐसी स्थिति में सभी आवंटी गहरी आर्थिक, मानसिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आवंटियों के स्वास्थ्य के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी आरएलडीए के संबंधित अधिकारियों की होगी।
एसोसिएशन की प्रमुख माँगे..
👉 रेलवे के सक्षम अधिकारियों (V.C. & G.M.) के समक्ष बैठकर शोरुम,दुकानों की निश्चित प्रत्यर्पण तिथि का दायरा।
👉 डिलीवरी टाइम निश्चिंत दिनॉक 03/09/2023 के बाद से डिलीवर्ड (एक्चुअल हैंडलिंग ओवर डेट @18% ब्याज पर एनुम )
👉 किसी एक अनुभवी कम्पनी द्वारा R1 & R2 काम्पलेक्स की साफ-सफाई एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी दिया जाना ताकि काम्पलेक्स की गरिमा बनी रहे।
👉 RWA बनाने की स्वतंत्रता।
👉 ग्रीनरी (स्वतंत्रता पौधारोपण / हरित क्षेत्र अभी से बनाना।)
👉 पानी एवं सीवरेज व्यवस्था बहाल करना।
👉 सभी आवंटियों की आवंटित दुकानों, शोरुम के सापेक्ष जमा धनराशि का अंतरित स्टेटमेण्ट तत्काल उपलब्ध करवाना।
👉 तत्काल समय से R.L.D.A द्वारा किसी जिम्मेदार अधिकारी को गोमतीनगर R.L.D.A कार्यालय में तैनात करना।



