अस्पताल निदेशक एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने किया निरीक्षण
भर्ती मरीजों से मिले निदेशक जाना हाल

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी स्थित 756 बेड का बलरामपुर चिकित्सालय में निगरानी व्यवस्था सक्रिय दिखाई देने लगी है ।
रविवार को जहाँ लोग साप्ताहिक अवकाश में परिवार के साथ समय बिताने के लिए घूमने फिरने निकल जाते हैं। लेकिन इन सब खुशियों को दरकिनार करते हुए अस्पताल में भर्ती मरीजों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वार्डो का भ्रमण कर सुविधाएं के बारे जानकारी ली गयी।
वहीं नवनियुक्त अस्पताल निदेशक डॉ. बीके सिंह चौहान एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। विभागीय जानकारों का मानना है कि डॉ सिंह के आने से अस्पताल में वर्षों से बंद संडे एवं इवनिंग राउंड की परंपरा जीवित हो गयी है।
जिससे अस्पताल में चहु ओर यही डर बना हुआ है कि निदेशक तो नहीं आ रहें है। जहाँ भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कर्मी अपने वार्डो में तत्पर दिखाई दिए। इसी क्रम में निदेशक ने
देर रात औचक निरीक्षण के लिए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही निदेशक ने कार्यालय के कामकाज और आपातकालीन तैयारियों की भी समीक्षा की।
ज्ञात हो कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के रूप में चर्चित प्रदेश भर से हजारों मरीज उपचार के लिए आते हैं। विगत लंबे समय से रविवार एवं सायं कालीन समय में नियमित राउंड की व्यवस्था शिथिल पड़ी हुई थी।
प्रदेश स्तरीय इस चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की देखरेख और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डॉ.सिंह ने इस परंपरा को पुनः सक्रियता और गंभीरता के साथ शुरू करने का निर्णय लिया है।
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने अस्पताल के समस्त वार्डों में तैनात नर्सिंग स्टाफ के लिए बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों निर्देश देते हुए कहा कि ऑन-ड्यूटी नर्सिंग स्टाफ अधिकारियों के साथ रहेगा और उन्हें मरीज के भर्ती होने का समय, बीमारी का विवरण तथा उपचार कर रहे चिकित्सक की पूरी जानकारी (ऑन-टिप) होनी चाहिए।
डॉ सिंह ने कहा कि मरीजों की दैनिक स्थिति के साथ-साथ यह भी अनिवार्य रूप से चेक किया जाएगा कि संबंधित डॉक्टर ने समय पर वार्ड में आकर मरीज का परीक्षण किया है या नहीं।
निदेशक ने एक-एक बिंदु की अत्यंत गंभीरता से समीक्षा करते हुए कहा कौन सा मरीज अति-गंभीर है और उसे क्या उपचार प्रदान किया जा रहा है। इसका पूरा रिकॉर्ड मौके पर देखा जा रहा है।
सुबह, शाम और देर रात तक त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था चिकित्सालय में व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी और मुस्तैद रखने के लिए त्रिस्तरीय राउंड व्यवस्था लागू..
निदेशक स्वयं सायं कालीन समय में भी वार्डों, इमरजेंसी और आईसीयू का सघन निरीक्षण कर रहे हैं। जबकि निदेशक डॉ. बीके सिंह चौहान स्वयं देर रात 12 बजे से 1 बजे के बीच अस्पताल पहुंचकर इमरजेंसी एवं नाइट ड्यूटी व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
निदेशक के इस सख्त, पारदर्शी और संवेदनशील रवैये के चलते नाइट एवं इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात समस्त नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल टीम व अन्य कर्मचारी पूर्णतः सतर्क और मुस्तैद नज़र आ रहे हैं।
प्रदेश के इस प्रतिष्ठित अस्पताल में इस व्यवस्था के लागू होने से दूर-दराज के जिलों से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास की उम्मीद जाग उठी है।
डॉ सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सालय की गरिमा के अनुरूप मरीजों के इलाज और सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा यह सघन निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा।



