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नर्सिंग स्टाफ से मरीजों के तीमारदार की जुडी रहती बड़ी उम्मीदें -प्रो सीएम सिंह 

नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों का द्वितीय चरण इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के द्वितीय चरण इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की गयी। मंगलवार को

डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 550 से अधिक नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के लिए द्वितीय चरण का इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम के आयोजन की शुरुआत 16 जुलाई को किया गया।

जिसका उद्धघाटन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सीएम सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। 22 जुलाई तक चलने वाले इस व्यापक प्रशिक्षण में नर्स को उनके हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स रोल एंड रिस्पांसिबिलिटी, नर्सिंग मानक एवं गुणवत्ता के सुधार के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारी को इस प्रशिक्षण में उन्हें इंफेक्शन से बचाव के बेहतरीन तरीके मरीज और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए साफ सफाई के कार्य नियमों को लागू करना।

सरकारी स्वास्थ्य गाइडलाइंस के अनुसार सुरक्षित हैंडलिंग और निपटान के नियमों का पालन करना। आपदा और आग से बचाव के बारे में बताया गया।

उक्त प्रोग्राम में संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक चिकित्सा अधीक्षक एवं संस्थान के अन्य सम्मानित फैकल्टी सदस्य, मुख्य नर्सिंग अधिकारी, संस्थान में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे ।

सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के चिकित्सा से संबंधित विषय पर संक्षिप्त जानकारी को साझा किया। साथ ही प्रोग्राम का शुभारंभ सुमन सिंह, मुख्य नर्सिंग अधिकारी के संबोधन से हुआ।

अपने संबोधन में मुख्य नर्सिंग अधिकारी ने प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मरीज के प्रति सहानुभूति बनाए रखने के साथ-साथ उनके दर्द, डर और असहायता को समझना है।

मरीज को भावनात्मक समर्थन देना है। जिससे मरीज सुरक्षित, सम्मानित एवं मानसिक रूप से मजबूत महसूस कर सके इसके साथ-साथ आपको अपनी सुरक्षा तथा खुद का ध्यान भी रखना है ।

आप सभी को मरीजों का पूर्ण सत्यनिष्ठा, सम्मान, निष्पक्षता और जिम्मेदारी जैसे नैतिक सिद्धांतों के आधार पर सही निर्णय लेते हुए कार्य करना है ।

मानवीय देखभाल जीवन का एक तरीका है अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की सेवा के लिए नर्सिंग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है नर्सिंग अधिकारी को सेवा के साथ-साथ अपने अच्छे व्यवहार से मरीज को जल्द से जल्द ठीक करने का प्रयास रहता है।

एक नर्स के लिए वार्ड के मरीजों की जरूरतों का विस्तृत आकलन करना और मरीजों के लिए व्यापक नर्सिंग केयर प्लान को बनाना होता है। मरीज की देखभाल के लिए एक सही नर्सिंग प्रोफेशनल की आवश्यकता होती है जिसे रोगी का ध्यान रखने वाले नर्सिंग स्टाफ को पता होना चाहिए।

नर्सिंग नैतिकता व्यावहारिक नैतिकता की एक शाखा है जो स्वतः ही नर्सिंग की गतिविधियों का संचालन करती है। नर्सिंग में नैतिकता में उपकारिता, हानि न पहुंचाना तथा स्वायत्तता के सम्मान के साथ चिकित्सीय नेतृत्व से जुड़े कई तत्व प्रतिबद्धता के साथ शामिल होते हैं।

यह संबंध, मानवीय गरिमा तथा सहयोगपूर्ण सेवा पर इसके प्रभाव से पहचानी जाती है। हमारा नर्सिंग स्टाफ हमारे क्लीनिकल कामकाज की रीढ़ है।

यह इंडक्शन ट्रेनिंग यह सुनिश्चित करता है कि हमारे नए भर्ती नर्सिंग अधिकारी न केवल बहुत कुशल हो बल्कि हमारी सुरक्षा संस्कृति के साथ पूरी तरह से जुड़े हो जिसे संस्थान में मरीजों के बेहतर नतीजे मिले और हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा मजबूत बने।

संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने प्रशिक्षण प्रोग्राम पर संक्षिप्त विवरण देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य संस्थान के चिकित्सीय नीतियों के संबंध में व्यापक जानकारी उपलब्ध कराना है।

किसी भी अस्पताल में मरीजों की देखभाल में नर्सिंग की अहम भूमिका होती है, आप सभी नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को मरीजों के प्रति देख भाल के साथ-साथ उच्च दर्जे के व्यवहार को बनाए रखना है तथा जिस विभाग/वार्ड में आपकी तैनाती है।

वहां पर पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, निष्पक्षता और जिम्मेदारी जैसे नैतिक सिद्धांतों के आधार पर कार्य करना है।

संस्थान के निदेशक ने बताया कि हमारा संस्थान प्रदेश के बड़े चिकित्सा संस्थानों में से एक है। वर्तमान में संस्थान में रोगियों के लिए 1250 बेड की सुविधा उपलब्ध है। निदेशक ने बताया कि इस ट्रेनिंग का मुख्य लक्ष्य संस्थान में पालन की जाने वाली नीतियों, प्रोटोकॉल और दस्तावेजीकरण पर मानकीकृत जानकारी प्रदान करना है।

साथ ही यह रोगियों के साथ उनके संचार को विकसित करने, महत्वपूर्ण कार्य शैली में सुधार करने व निर्णय लेने के कौशल तथा रोगियों के देखभाल की गुणवत्ता में सुधार करने में सक्षम बनाने में मदद करेगा।

उन्होंने बताया कि नर्सिंग स्टाफ से मरीज एवं उसके तीमारदार की बहुत उम्मीदें जुड़ी रहती हैं नर्सिंग संवर्ग चिकित्सा क्षेत्र का एक अभिन्न अंग है। इसलिए अपने कार्य के प्रति अपने कौशल को विकसित करना है तथा अपने प्रोफेशन में ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित करें।

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