अस्पताल की नालियों में जमा पानी बीमारियों को दे रहा आमंत्रण
अस्पताल में मच्छर जनित बीमारियां फैलने की आशंका

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। प्रदेश के बड़े चिकित्सालयों में साफ सफाई व्यवस्था फुस्स नजर आ रही है।
जिसमें बलरामपुर अस्पताल की नालियों में जमा गंदा पानी और जमा कूड़ा से मच्छर जनित बीमारियों का नेवता बाँट रहें हैं। जिससे तीमारदारों को नालियों से निकलने वाली दुर्गन्ध से लेटना बैठना मुश्किल हो रहा है।
वैसे भी बरसात के मौसम में पानी जमा होने से संक्रमण और मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में मरीजों के साथ आये तीमारदारो को मच्छरो के आक्रामक हमले से रात भर जागरण करना पडता है। जिसमें
अस्पताल परिसर में न्यू बिल्डिंग के निकट नालियों के पास कूड़े का ढेर लगा मिला। कुछ दूर पर अस्पताल का रैन बसेरा बना हुआ है। बारिश के चलते नालियों का कूड़ा से नालियों में गंदा पानी जमा हुआ है।
वहीं अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि नालियों के आसपास लंबे समय तक कूड़ा पड़ा रहने से वातावरण दूषित हो रहा है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था अपेक्षित है, लेकिन परिसर के कुछ हिस्सों में गंदगी मरीजों और तीमारदारों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल परिसर में कूड़ा और गंदा पानी संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं और मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है। ऐसे में नियमित सफाई, कचरे का समय पर निस्तारण और नालियों की सफाई आवश्यक है, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके पहले भी अस्पताल में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन ने समय-समय पर बायोमेडिकल वेस्ट और स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के लिए कदम उठाने की बात कही है, लेकिन परिसर में दिखाई देने वाली गंदगी व्यवस्था पर सवाल उठ रहें है।
ऐसे में अस्पताल प्रशासन को बारिश को देखते हुए साफ सफाई व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखनी चाहिए। जिससे उपचार के लिए आने वाले मरीजों के साथ तीमार दारों को भी बीमारी का सामना न करना पड़े।
वहीं अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. हिमांशु चतुर्वेदी के अनुसार कार्यदायी संस्था को नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि अस्पताल परिसर स्वच्छ और संक्रमणमुक्त बना रहे।



