सभी भत्तों में चार प्रतिशत की जाए बढ़ोतरी- वीपी मिश्र
सेवानिवृत कर्मचारियों के जीवन यापन का सहारा पेंशन

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी के लिए सुझाव ज्ञापन वेतन आयोग को चेयरमैन को जारी किया गया। गुरुवार को इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के
राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा ने आयोग को अवगत कराया कि 10 वर्ष बाद वेतन आयोग का गठन किया गया है इतने अंतराल में महंगाई बहुत अधिक बढ़ गई है।
शिक्षा- दीक्षा का भार बढ़ गया है जिससे वेतन का ह्रास हो गया है इसलिए आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियों में वेतनमान वेतन-वृद्धि महंगाई भत्ता परिवहन भत्ता सहित सभी भत्तों में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए।
न्यूनतम वेतन में चार प्रतिशत बढ़ोतरी करके 7000 रुपए किया जाए तथा प्रत्येक कैडर में एक समान वेतन भत्ते दिये जाएं। जैसे स्वास्थ्यव विभाग के पैरामेडिकल कर्मचारियों के समान वेतनमान भत्ते पेशेंट केयर आदि भत्ते समान रूप से दिए जाएं।
फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को भी परिवहन भत्ता एवं अन्य भत्ते दिये जाएं। इप्सेफ का सुझाव है की वार्षिक वेतन वृद्धि चार प्रतिशत दी जाए।
अंग्रेजी सरकार के समय से अनुमन्य में अधिकारियों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की बहाली की जाए। वर्तमान समय में सेवानिवृत कर्मचारियों के जीवन यापन का सहारा पेंशन ही होती है। बच्चे नौकरी पर चले जाते हैं। पेंशन ना मिलने वाले कई कर्मचारियों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है।
एक्सेप्ट का सुझाव है की पुरानी पेंशन में 3 वर्ष पर बढ़ोतरी की जाए। और 8 वर्ष के बाद पेंशन दुगनी कर दी जाए। सेवानिवृत कर्मचारियों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाए।
सेवानिवृत कर्मचारियों की आयु बढ़ जाने पर उनके देखभाल की भी व्यवस्था की जाए। क्योंकि युवा रोजगार के लिए बाहर चले जाते हैं तो सेवानिवृत्ति वृद्ध कर्मचारियों की देखभाल करने वाला कोई नहीं रहता। इसलिए उनके देखभाल की व्यवस्था सरकार करें।
जीपीएफ की कटौती बहाल की जाए।
रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियों एवं पदोन्नतियां तत्काल की जाए। पद खाली न पड़े रहे तथा पदोन्नति के पद बढ़ाए जाएं तथा जिनके लिए पदोन्नति के पद नहीं है उनके पदोन्नति हेतु पदसृजित किए जाएं।
आउटसोर्स पर रखे गए युवा वर्ग को नियमित करने की व्यवस्था की जाए जिससे अपने परिवार का जीवन यापन सुचारू रूप से कर सके। 8000 की पगार पर भी अपने परिवार का पालन पोषण नहीं कर सकते हैं। वीपी मिश्र ने कहा
देशभर में लाखों लाख युवा वर्ग बेरोजगार घूम रहा है, उसे जीवन यापन के लिए नौकरियों की व्यवस्था की जानी चाहिए। सरकार की जिम्मेदारी है उनमें आक्रोश है सुझाव है कि उन्हें बेरोजगारी भत्ता तबतक दिया जाए जब तक कि वे जॉब पर ना आ जाए।
राष्ट्रीय स्तर पर एक समान वेतन व भत्ते दिए जाएं। चाहे केंद्र का कर्मचारी हो या राज्य का कर्मचारी। देखने में आता है कि पढ़े लिखे बेरोजगार युवा वर्ग ऑटो रिक्शा चलाकर जीवन यापन कर रहे हैं। सरकार का दायित्व है कि उनके रोजगार की व्यवस्था करें।
इप्सेफ द्वारा दिए गए सुझाव पर गंभीरता से विचार कर सरकारी अर्द्ध सरकारी ऑटोनॉमस बॉडी कर्मचारियों को जीने लायक वेतन भत्ते एवं सुविधा देने की संस्तुतियों कर सेवारत एवं सेवानिवृत कर्मचारी अपने परिवार का भरण पोषण चारु रूप से कर सकें।



