SGPGI निदेशक ने अष्टांग योग के आठ मार्गों को बताया
योग दिवस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने किया योगासन

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने योगासन किया। रविवार को एसजीपीजीआई में योग दिवस पर फैकल्टी, स्टाफ सदस्यों और छात्रों सहित सभी हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन लाइब्रेरी कॉम्प्लेक्स के लेक्चर थिएटर में हुई। संस्थान के डीन प्रो. शालीन कुमार ने मुख्य अतिथि योगाचार्य डॉ. रवींद्र वर्मा और उनकी पत्नी आँचल वर्मा का परिचय कराया।
योग में पीएचडी डॉ. रवींद्र वर्मा एक योग शिक्षक और प्रैक्टिशनर हैं। जिन्हें योग, नेचुरोपैथी और फिजिकल फिटनेस के क्षेत्र में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव रखते है।
वे वर्तमान में महाराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी के योग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। वहीं संस्थान निदेशक पद्मश्री प्रो. आरके धीमन ने अतिथियों का स्वागत किया।
उन्होंने संबोधित करते हुए स्वास्थ्य के लिए योग के समग्र दृष्टिकोण (होलिस्टिक एप्रोच ) के महत्व पर प्रकाश डाला और मानसिक मजबूती बढ़ाने तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार करने में इसकी भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने अष्टांग योग के आठ मार्गों – यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि – के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा ये शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण के लिए एक संपूर्ण मार्ग प्रदान करते हैं।
प्रतिभागियों ने योगाचार्य के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, श्वास संबंधी व्यायाम (प्राणायाम) और ध्यान की तकनीकों का अभ्यास किया।
सभी फैकल्टी, कर्मचारियों और छात्रों को एक स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम का समापन योग गुरु द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रतिज्ञा दिलाई गई। जिसमें “हमें अपने मन को हमेशा संतुलित रखना है।
इसमें ही हमारा आत्मविकास समाया है। मैं खुद के प्रति, कुटुंब के प्रति, काम, समाज और विश्व के प्रति, शांति, आनंद और स्वास्थ्य के प्रचार के लिये प्रतिबद्ध हूँ। कार्यक्रम के अंत में
संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।



