एफएसडीए ने नकली दवाओं पर कसा शिकंजा
नकली दवाओं के चेन को जड़ से उखाड़ने मुहिम शुरू

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। प्रदेश में बढ़ते नकली दवाओं के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार को
जनपद आगरा नकली स्पूरियस एवं काउंटरफीट दवाओं के सिंडिकेट पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए विभाग का बड़ा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। एफएसडीए प्रशासन का कहना है
कि राज्य में लगभग 1.5 लाख से अधिक रिटेलर्स व 80 हजार से अधिक होलसेलर्स के सक्रिय व्यापारिक जाल का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नकली दवाओं का अवैध बाजार विकसित करने की जानकारी मिली।
जिसमें ‘काउंटरफीट और स्पूरियस’ दवाओं के सप्लाई चेन को जड़ से उखाड़ने के लिए विभाग द्वारा व्यापक रणनीति के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
इसी कड़ी में नकली दवाओं के एक प्रमुख केंद्र आगरा को चिन्हित कर, गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रदेश भर से 29 औषधि निरीक्षकों (ड्रग इंस्पेक्टर्स ) की एक विशेष संयुक्त टीम गठित कर पिछले 03 दिनों में 21 मई से आज तक से सघन छापेमारी की जा रही है।
अभियान के दौरान पकड़ी गई मुख्य गंभीर अनियमितताओ में
👉 पहला नकली दवाओं का व्यापार नामी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड्स के नाम पर हूबहू नकली काउंटरफीट दवाएं बेचना ।
👉 दूसरा एक्सपायरी दवाओं की री-लेबलिंग एक्सपायर्ड हो चुकी दवाओं पर
नई मैन्यूफैक्चरिंग व एक्सपायरी तिथियों के फर्जी लेबल लगाकर उन्हें दोबारा बाजार में खपाया जाना।
👉 तीसरा सरकारी आपूर्ति और फिजिशियन सैंपल्स का अवैध व्यावसायिक विक्रय करना।
छापेमारी में मिली खामियाँ
‘ फिजिशियन सैंपल ‘ और सरकारी सप्लाई के लिए आरक्षित दवाओं पर से मूल वैधानिक चेतावनी को हटाकर या नए व्यावसायिक लेबल लगाकर उन्हें ऊंचे दामों पर अवैध रूप से बेचने के लिए भंडारण।
फर्म-वार की गई वैधानिक कार्रवाई (सीज़र, फ्रीज़िंग एवं सैंपलिंग)
जांच दल द्वारा जिन मेडिकल स्टोर द्वारा औषधियों के क्रय विक्रय संबंधित अभिलेख मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए। उनकी बिक्री पर तत्काल रूप से रोक लगाई गई। जिनकी अनुमानित कीमत रु 19.38 लाख हैं।
तथा जिन मेडिकल स्टोर पर औषधियों को कोल्ड चैन ब्रेक भंडारण व इनके क्रय विक्रय अभिलेखों के प्राप्त न कार्ये जाने पर 3.6 लाख की औषधियों को सीज किया गया।
प्रमुख फर्म-वार कार्रवाई में व्यापारिक रिकॉर्ड में विसंगतियां पाए जाने पर रु 5 लाख का स्टॉक फॉर्म 15 के तहत फ्रीज किया गया।
महंगे इंजेक्शंस के क्रय अभिलेख न होने पर दस संदिग्ध औषधि के नमूनों की जाँच व विश्लेषण के लिए एकत्रित किया गया है और इसे प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जिसकी जाँच रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
ज्ञात हो कि यह संपूर्ण अभियान विभाग द्वारा स्पूरियस/ग्रॉसली अधोमानक औषधियों के संबंध में प्रभावी कार्रवाई के लिए इस वर्ष 11 मार्च को जारी की गई विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया के कड़े अनुपालन के तहत संचालित किया जा रहा है।
जनपद आगरा के इस अभियान के क्रम में भविष्य में प्रदेश भर में होने वाली प्रवर्तन कार्यवाहियों के लिए आगे की विभाग की रणनीति निम्न बिंदुओं पर तैयार की गई है। जिसमें
इंटेलिजेंस अभिसूचना एकत्र करते हुए संयुक्त छापों कि कार्रवाई से स्पूरियस औषधि के सिंडिकेट को पूर्णतया समाप्त करना।
टीम द्वारा केवल मौके पर मिली दवाओं को सीज करने के बजाय बैक – ट्रैकिंग की रणनीति अपनाना जिससे मौके पर पाए गए अभिलेखों / साफ्टवेयर्स की जांच के आधार पर अवैध और अघोषित भूमिगत गोदामों को ढूंढ निकालना एवं प्रभावी सीजर की कार्रवाई करना।
इंसुलिन जैसी अति-संवेदनशील दवाओं के असुरक्षित और मानकों के विरुद्ध भंडारण को जन स्वास्थ्य के लिए उतना ही बड़ा अपराध माना गया है।जितना नकली दवाओं का विनिर्माण पर प्रभावी रोकथाम करना।
विभाग इस पूरे सिंडिकेट के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर सभी दोषी व्यक्तियों व फर्मों के विरुद्ध संबंधित थानों में बीएनएसएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।



