फायर मॉक ड्रिल में पढ़ाया आपदा से निपटने का पाठ
बलरामपुर अस्पताल में फायर मॉक ड्रिल

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में स्वास्थ्य कर्मियों को आग बुझाने का पाठ पढ़ाया गया। शनिवार को
बलरामपुर अस्पताल में अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “अग्नि सुरक्षा सप्ताह” का आयोजन किया गया। आपदा से निपटने के लिए अस्पताल परिसर में विभिन्न जागरूकता एवं प्रशिक्षण गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
जिसमें चिकित्सक, अधिकारियों, कर्मचारियों, नर्सिंग स्टाफ एवं नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। वहीं
अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत फायर सेफ्टी शपथ, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, फायर सेफ्टी जागरूकता सत्र, रेस एवं पास तकनीक का प्रशिक्षण, इवैक्यूएशन एवं असेम्बली पॉइंट की जानकारी सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मॉक ड्रिल के दौरान प्रतिभागियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, मरीजों की सुरक्षित निकासी तथा प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
अस्पताल परिसर में फायर मॉक ड्रिल में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित एवं समन्वित कार्रवाई का अभ्यास कराया गया। ड्रिल के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों के प्रयोग, आपातकालीन अलार्म सिस्टम, इवैक्यूएशन प्रक्रिया एवं रिस्पॉन्स मैकेनिज्म का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर संस्थान की निदेशक डॉ कविता आर्य द्वारा सभी को अग्नि सुरक्षा शपथ दिलाई गई। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है तथा नियमित प्रशिक्षण एवं मॉक ड्रिल से कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन क्षमता और अधिक सुदृढ़ होती है। साथ ही
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ हिमांशु चतुर्वेदी ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा मानकों एवं आपातकालीन प्रक्रियाओं की पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने सभी से सतर्कता एवं सुरक्षा नियमों के अनुपालन की अपील की।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियों से कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ती है। इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायता मिलती है।



