विश्व स्वास्थ्य दिवसके उपलक्ष्य में ‘वन हेल्थ’ विषय पर चर्चा
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में स्वास्थ्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों का विचार विमर्श

ग्रेटर नोएडा। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष में वन हेल्थ पर चर्चा की गई।
बुधवार को राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष निरंतर चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस वर्ष के कार्यक्रम का विषय “वन हेल्थ: हमारे ग्रह के भविष्य के लिए साझा जिम्मेदारी” रखा गया। जिसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मानव, पशु और पर्यावरण के आपसी तालमेल पर बल दिया। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक संगोष्ठी की संगठन सचिव डॉ. श्रुति सिंह रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप खसनोबिस, डीडीजी, डीएम सेल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के संबोधन के साथ हुआ।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि (गेस्ट ऑफ़ ऑनर ) के रूप में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. राजीव वार्ष्णेय उपस्थित रहे।
वहीं संस्थान निदेशक डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश गुप्ता ने अपने संबोधन में ‘वन हेल्थ’ की वैश्विक आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जबकि डीन एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रंभा पाठक ने सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया।
शैक्षणिक सत्रों की शुरुआत में एनसीडीसी, नई दिल्ली की संयुक्त निदेशक डॉ. सिम्मी तिवारी ने राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन पर विस्तृत जानकारी दी।
जिसकी अध्यक्षता प्रो. भूमादेवी ए. और डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने की। इसके पश्चात यूसीएमएस, नई दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर अरुण कुमार शर्मा ने वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों को साझा किया।
जिसमें प्रो. राजीव वार्ष्णेय और डॉ. सौरभ श्रीवास्तव ने अध्यक्ष मंडल की भूमिका निभाई।
जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर चर्चा करते हुए सफदरजंग अस्पताल के निदेशक प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर ने भविष्य की चुनौतियों से अवगत कराया। जहाँ सत्र का संचालन डॉ. रंजना सिंह और डॉ. हर्ष महाजन के मार्गदर्शन में हुआ।
अंतिम तकनीकी सत्र में जीआईएमएस के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. (ब्रिगेडियर) एके साहनी ने एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) पर अपने विचार रखे।
जिसकी अध्यक्षता डॉ. पंकज गुप्ता और डॉ. तनुजा द्वारा की गई। कार्यक्रम का समापन डॉ. प्रियंका, एसोसिएट प्रोफेसर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।



