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CLABSI और VAE को रोकने पर प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप 

एक दिवसीय प्री-कॉन्फ्रेंस सैटेलाइट वर्कशॉप 

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में एक दिवसीय प्री-कॉन्फ्रेंस सैटेलाइट वर्कशॉप आयोजित की गयी। शुक्रवार को

डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने UP-UK MICROCON 2026 का आयोजन किया गया।

जिसे इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट के UP-UK चैप्टर का 21वां वार्षिक सम्मेलन था, से पहले “जीरो CLABSI और VAE की ओर: बंडल्स के माध्यम से रोगी देखभाल में बदलाव” शीर्षक से एक दिवसीय प्री-कॉन्फ्रेंस सैटेलाइट वर्कशॉप का आयोजन किया।

इस वर्कशॉप का फोकस इंटेंसिव केयर यूनिट्स में इन्फेक्शन रोकथाम के तरीकों को मजबूत करने पर था। जिसमें सेंट्रल लाइन-एसोसिएटेड ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन (CLABSI) और वेंटिलेटर-एसोसिएटेड इवेंट्स (VAE) पर विशेष जोर दिया गया।

वहीं प्रो. ज्योत्सना अग्रवाल आयोजन अध्यक्ष ने साक्ष्य-आधारित इन्फेक्शन नियंत्रण और त्वरित-लाभ अस्पताल हस्तक्षेपों पर सत्र का नेतृत्व किया। प्रो. मनोदीप सेन ने अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देशों को बेडसाइड अभ्यास में बदलने पर ध्यान केंद्रित किया।

डॉ. फातिमा खान प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, JNMC अलीगढ़ और डॉ. शीतल वर्मा प्रोफेसर J Gr, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, KGMU, ने CLABSI रोकथाम बंडल्स और विकसित हो रही VAE अवधारणाओं पर बात की।

डॉ. संदीप कुमार और डॉ. कृति नागर, सहायक प्रोफेसर, एनेस्थिसियोलॉजी विभाग ने प्रतिभागियों को इंटेंसिव केयर सेटिंग्स में CLABSI और VAE रोकथाम रणनीतियों को लागू करने पर प्रदर्शन सत्र के माध्यम से मार्गदर्शन किया।

डॉ. अनुरागिनी और डॉ. आकांक्षा, माइक्रोबायोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसरों ने CLABSI इंसर्शन और रखरखाव के साथ-साथ VAP रोकथाम बंडल्स के व्यावहारिक प्रदर्शन और हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग में सहायता की।

डॉ. रिमझिम, डॉ. साकिब और डॉ. शिव, माइक्रोबायोलॉजी विभाग सहायक प्रोफेसरों ने CLABSI और VAP रोकथाम से जुड़ी वास्तविक दुनिया की चुनौतियों पर चर्चा की। वहीं संस्थान निदेशक

प्रो. सीएम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहे। उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी विभाग को इतने महत्वपूर्ण एजेंडे पर वर्कशॉप करने के लिए बधाई दी और प्रतिनिधियों से सत्र की सीख को अपने साथ ले जाने और अपने संस्थानों में उनके कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

प्रो. प्रद्युम्न सिंह, डीन ने अस्पताल में महत्वपूर्ण और गैर-महत्वपूर्ण देखभाल क्षेत्रों में रुग्णता और मृत्यु दर को कम करने में IPCC के महत्व पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभा को संबोधित किया।

इस एकेडमिक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। जिनमें मुख्य रूप से माइक्रोबायोलॉजिस्ट, इंटेंसिविस्ट, क्लिनिशियन, इन्फेक्शन कंट्रोल प्रोफेशनल और नर्सिंग स्टाफ शामिल थे।

कार्यक्रम का समापन प्रतिनिधियों के सम्मान और आयोजन सचिव प्रो. मनोदीप सेन के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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