हाई रिस्क प्रेग्नेंसी प्रबंधन को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण की शुरुआत
एएनएम एवं सीएचओ के लिए हाई रिस्क प्रेगनेंसी प्रशिक्षण

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में एएनएम एवं सीएचओ को हाई रिस्क प्रेगनेंसी प्रबंधन प्रशिक्षण देने की शुरुआत की गयी।
मंगलवार को एक होटल में उच्च जोखिम गर्भावस्था पहचान एवं प्रबंधन विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स के प्रथम बैच का शुभारंभ किया गया। जिसकी शुरुआत डॉ. हरिदास अग्रवाल, महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश द्वारा की गयी ।
यह राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 से 21 फरवरी 2026 तक कुल पाँच बैचों में, प्रतिदिन एक-एक दिवसीय सत्र के रूप में आयोजित किया जा रहा है। ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है।
जिसने एएनएम एवं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) के लिए हाई रिस्क प्रेगनेंसी पहचान एवं प्रबंधन पर एक समर्पित एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किया है।
यह मॉड्यूल फील्ड स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को हाई रिस्क प्रेगनेंसी की शीघ्र पहचान, प्राथमिक प्रबंधन, समयबद्ध रेफरल एवं प्रभावी फॉलो-अप में मार्गदर्शन प्रदान करेगा तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस प्रशिक्षण में प्रदेश के 75 जनपदों से एसीएमओ (आरसीएच), प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिकल ऑफिसर तथा जिला मातृ स्वास्थ्य सलाहकार प्रतिभाग कर रहे हैं। यह प्रशिक्षण यूनिसेफ, केजीएमयू लखनऊ एवं आईआईएचएमआर नई दिल्ली के तकनीकी सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन के दौरान महानिदेशक, परिवार कल्याण ने अपने संबोधन में कहा कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समय पर पहचान एवं प्रभावी प्रबंधन सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने प्रतिभागियों से अपेक्षा की कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का उपयोग अपने-अपने जनपदों में प्रभावी रूप से करते हुए जिला एवं ब्लॉक स्तर तक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे।
यह पहल प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व सेवाओं को सुदृढ़ करने, स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता वृद्धि करने तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगा।



