कर्तव्यों का पालन ही सशक्त लोकतंत्र की वास्तविक नींव – रोहित अग्रवाल
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संविधान गोष्ठी

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों के बारे में विमर्श किया गया। रविवार को
जश्न-ए-आजादी संस्था द्वारा गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में संविधान गोष्ठी का आयोजन किया गया। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में रोहित अग्रवाल शामिल होकर अपने संबोधन में संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्तव्यों का पालन ही सशक्त लोकतंत्र की वास्तविक नींव है।
उन्होंने नागरिकों से संविधान की आत्मा को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही
संस्था के अध्यक्ष मुर्तजा अली ने संविधान द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रताओं एवं मौलिक अधिकारों पर विचार रखते हुए कहा कि संविधान हमें न केवल आज़ादी देता है, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पीसी कुरील ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान का प्रत्येक अनुच्छेद सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व की भावना से ओतप्रोत है।
इस अवसर पर आयोजित संविधान गोष्ठी में प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायाधीशों, कवियों, सामाजिक संगठनों के अध्यक्षों, अधिवक्ताओं तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की।
मुख वक्ता रिटायर आईएस अब्दुल समद साहब और वक्ताओं ने संविधान की समकालीन प्रासंगिकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों पर गहन विमर्श किया।
कार्यक्रम का समापन संविधान की मर्यादा बनाए रखने और राष्ट्रहित में कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ। इस मोके पर आरबी लाल,आरपी राव,फैज़ुद्दीन सिद्दीक़ी ,हलीमा अज़ीम ,फहद हसन, कैफ़,पंकज माथुर,
अमरपाली सिंह, विमल यादव, राज किशोर पांडेय, संजय मिश्रा, आरएस विश्वकर्मा, अफरोज आलम, महेंद्र प्रताप यादव, ग्रेबियल एंथोनी, प्रमिला मिश्रा, बिलाल अहमद, शाहिद सिद्दीकी, खुर्शीद, शमशेर ग़ज़िपुरी, आरबी लाल, जेपी उप्रेती, शोभित यादव, वीके मधुकर, एसए सिद्दीकी, जगदीश (न्यायाधीश) उपस्थित रहे।



