संक्रमण रोकथाम के लिए पर होगी कार्यशाला
21वें वार्षिक यूपी-यूके माइक्रोकॉन सम्मेलन में स्वास्थ्य विशेषज्ञ देंगे जानकारी

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में होने वाले 21वें वार्षिक यूपी-यूके माइक्रोकॉन सम्मेलन में स्वास्थ्य विशेषज्ञ जानकारी साझा करेंगे। कल
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग भारतीय चिकित्सा सूक्ष्मजीवविज्ञानी संघ के उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड अध्याय के 21वें वार्षिक सम्मेलन
यूपी-यूके माइक्रोकॉन 2026, से पहले 6 फरवरी को यानि कल ” शून्य CLABSI और VAE की ओर: देखभाल बंडल के माध्यम से रोगी देखभाल में बदलाव” शीर्षक पर एक दिवसीय पूर्व-सम्मेलन उपग्रह कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. सीएम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गहन चिकित्सा इकाइयों में संक्रमण रोकथाम प्रथाओं को मजबूत करना है, जिसमें सेंट्रल लाइन से संबंधित रक्तप्रवाह संक्रमण(CLABSI) और लम्बे समय तक मरीज को वेंटीलेटर पर रखने से होने वाली रोगी में समस्याओं (VAE) पर विशेष जोर दिया गया है।
जिसमें डॉ ज्योत्सना अग्रवाल, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजी विभाग आयोजन अध्यक्ष के रूप में साक्ष्य-आधारित संक्रमण नियंत्रण और त्वरित-प्रभावी अस्पताली हस्तक्षेपों पर सत्रों का नेतृत्व करेंगी।
जबकि डॉ मनोदीप सेन, प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग आयोजन सचिव के रूप में अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों को रोगी-स्थल पर व्यवहार में लाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। डॉ. फातिमा खान प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग , जेएनएमसी , अलीगढ़ विश्वविद्यालय और डॉ. शीतल वर्मा प्रोफेसर जूनियर ग्रेड, केजीएमयू, सीएलएबीएसआई रोकथाम बंडलों और विकसित हो रही वीएई अवधारणाओं पर चर्चा करेंगी।
वहीं संस्थान में एनैस्थीसिओलॉजी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर, प्रो. एसएस नाथ, आईसीयू में, सीएलबीएसआई और वीएई रोकथाम रणनीतियों को लागू करने में व्यावहारिक पहलुओं और वास्तविक चुनौतियों के बारे में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे।
कार्यशाला के दौरान सूक्ष्मजीवविज्ञानियों, गहन चिकित्सा विशेषज्ञों, चिकित्सकों, संक्रमण नियंत्रण पेशेवर और नर्सिंग स्टाफ जानकारी हासिल करेंगे।



