जीवन के अंत तक देखभाल की आवश्यकता पर कार्यशाला
प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं संस्थान निदेशक रहे मौजूद

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। जीवन के अंत तक देखभाल की आवश्यकता पर जानकारी दी गयी। शुक्रवार को
संजय गांधी पीजीआई के सीसीएम विभाग द्वारा हरगोबिंद खुराना हॉल, लेक्चर थिएटर कॉम्प्लेक्स में एंड-ऑफ-लाइफ-केयर पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। अमित घोष अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य, उत्तर प्रदेश सरकार इस अवसर पर मुख्य वक्ता थे।
उन्होंने लाइलाज बीमारी से पीड़ित मरीजों को सम्मानजनक मृत्यु देने के लिए चिकित्सा संस्थानों में जीवन के अंत तक देखभाल की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सभी डॉक्टरों के प्रशिक्षण की आवश्यकता को भी बरकरार रखा और नीतिपरक चिकित्सा देखभाल के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
इसी तरह के विचार संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आरके धीमन ने भी व्यक्त किये। डाॅक्टर धीमन ने संस्थान के लिए जीवन के अंत तक देखभाल के लिए एक एसओपी की आवश्यकता पर भी बल दिया। डीन प्रो शालीन कुमार ने ऑन्कोलॉजी रोगियों में पैलिएटिव देखभाल के बारे में अपना अनुभव व्यक्त किये।
कार्यशाला हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई थी। विभिन्न चिकित्सा संस्थानों,कॉलेजों,केंद्रों से लगभग 25 प्रतिभागियों और 10 प्रतिभागियों ने व्यक्तिगत रूप से कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला में एनेस्थिसियोलॉजी, रेडियोथेरेपी, नेफ्रोलॉजी और अस्पताल प्रशासन विभागों के संकाय सदस्यों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का आयोजन टीम द्वारा समाधान किया गया।
प्रो. बनानी पोद्दार, एचओडी, सीसीएम ने एसजीपीजीआई में तैयार की गई एसओपी पर चर्चा की। प्रोफेसर अफजल अजीम ने किसी भी अन्य अस्पताल या संस्थान में जीवन के अंत की देखभाल को लागू करने के मार्ग पर चर्चा की।



