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प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं पर कार्यशाला 

ADR रिपोर्टिंग में जनभागीदारी के महत्व पर दिया जोर 

 

 लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। एडीआर रिपोर्टिंग में जनभागीदारी के महत्व पर दिया जोर दिया गया। शुक्रवार को

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा “कम्युनिटी फार्माकोविजिलेंस एवं एडीआर रिपोर्टिंग” विषय पर सीएमई का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया, इंडियन फार्माकोपिया कमीशन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग तथा IQAC के सहयोग से आयोजित किया गया। वहीं

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. सीएम सिंह, निदेशक द्वारा किया गया।

इस अवसर पर प्रो. प्रद्युम्न सिंह, डीन; प्रो. विक्रम सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक; प्रो. सुब्रत चंद्रा, कार्यकारी रजिस्ट्रार; प्रो.अरविंद सिंह, चिकित्सा अधीक्षक; प्रो.ज्योत्सना अग्रवाल, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष,

माइक्रोबायोलॉजी; प्रो.ऋचा चौधरी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फॉरेंसिक मेडिसिन; प्रो. रजनी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फिजियोलॉजी; डॉ. विनिता शुक्ला एवं डॉ. रश्मि कुमारी, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग तथा UHTC उजैरियों एवं RHTC जुग्गौर के स्वास्थ्यकर्मी एवं संस्थान के अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

जिसका उद्देश्य कम्युनिटी फार्माकोविजिलेंस एवं प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं (एडवर्स ड्रग रिएक्शन्स एडीआर की रिपोर्टिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रोगी सुरक्षा को सुदृढ़ करना तथा दवाओं के तार्किक उपयोग को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में विशेष रूप से समुदाय स्तर पर एडीआर रिपोर्टिंग में जनभागीदारी के महत्व पर बल दिया गया।

वैज्ञानिक सत्र में प्रो. आरके दीक्षित, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फार्माकोलॉजी एवं थेराप्यूटिक्स विभाग, KGMU, ने सुरक्षित फार्माकोथेरेपी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में एडीआर मॉनिटरिंग के महत्व पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि फार्माकोविजिलेंस गतिविधियों में स्वास्थ्यकर्मियों और रोगियों की सक्रिय भागीदारी दवा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम को सुदृढ़ करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर MBBS एवं नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए “कम्युनिटी फार्माकोविजिलेंस एवं ADR रिपोर्टिंग” विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। जिसमें विजेताओं को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस पहल की निरंतरता में 14 मार्च को यानि कल ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र, जुग्गौर तथा शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र उजैरियों में कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग की संकाय टीम द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों एवं रोगियों के लिए फार्माकोविजिलेंस तथा एडीआर रिपोर्टिंग पर जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे।

यह कार्यशाला प्रो. अर्पिता सिंह, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फार्माकोलॉजी विभाग के नेतृत्व में आयोजित की गयी।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. हिमांशु शर्मा (आयोजन सचिव), डॉ. गरिमा अधौलिया (सह-आयोजन सचिव) तथा आयोजन टीम के सदस्य डॉ. गोविंद मिश्रा, डॉ. पारुल कमल और अनूप कुमार द्वारा रेजिडेंट डॉक्टरों एवं छात्रों के सहयोग से किया गया।

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