शिक्षक, आउटसोर्स, संविदा कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं – वीपी मिश्र
मुख्यमंत्री को दोबारा लिखा पत्र

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। फेडरेशन ने कर्मचारियों की लंबित मांगो पर कई सवाल उठाये। शनिवार को
इंडियन पब्लिक सर्विस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार जनता व्यापारियों, छात्रा, युवा वर्ग आदि के लिए अच्छा कार्य कर रही है परंतु प्रदेश के 27 लाख कर्मचारी शिक्षक, आउटसोर्स, संविदा कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं कर रही है समस्याएं लंबित पड़ी हैं।
श्री मिश्रा ने खेद व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री शासन, विभागों के विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी के साथ संवाद नहीं करते हैं। यहां तक के प्रदेशीय संगठनों के अध्यक्ष,महामंत्री के सचिवालय प्रवेश पत्र जारी नहीं करते हैं।
जबकि मुख्य सचिव स्तर पर आदेश दिए जा चुके हैं। पूर्व में प्रत्येक वर्ष सचिवालय प्रवेश पत्र जारी होते रहे हैं यहां तक की बड़े संगठनो के पदाधिकारी के लिए भी सचिवालय प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जा रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव स्तर से आदेश भी जारी किए गए थे।
श्री मिश्रा ने खेद व्यक्त किया की प्रमुख सचिव कार्मिक स्तर से बैठके लगाकर मांगों पर निरंतर बैठक होती रही है जिसमें समस्याओं का समाधान होता रहता था विभागों की सेवानियमावलियां पदों का सृजन, नियुक्तियां, पदोन्नतियां भी लंबित पड़ी है।
कर्मचारी संबंधी समस्या कार्मिक विभाग में लंबित हैं जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। सातवें वेतन आयोग के अनुसार विभागीय पदों का पुनर्गठन लंबित पड़े हैं जिससे आठवी वेतन आयोग में कर्मचारियों को भारी क्षति उठानी पड़ेगी।
श्री मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ध्यान आकर्षित किया था। जनसुनवाई पोर्टल पर जवाब आता है कि मामले निस्तारित कर दिए गए हैं। जबकि वास्तविकता नकारात्मक है।
श्री मिश्र ने मुख्यमंत्री को दोबारा पत्र भेज कर आग्रह किया है कि कर्मचारियों की पीड़ा का समाधान के लिए वर्तमान व्यवस्था में परिवर्तन करें वरना आगामी चुनाव में भारी क्षति उठानी पड़ेगी। लोकसभा चुनाव में नुकसान हो चुका है।
सरकार से कर्मचारी संगठन का संवाद नहीं हो पा रहा है इसका उत्तरदाई कौन है।



