शारीरिक सक्रियता बरकरार रखने को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन
200 चिकित्सकों ने की सहभागिता, दिए सुझाव

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। शारीरिक ऊर्जा बरकरार रखने के लिए सम्मेलन किया गया। शनिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 06 एवं 07 फरवरी को शारीरिक सक्रियता की जन-जागरूकता के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन SPPAHCON-2026 का सफल आयोजन किया गया।
जिसमें देशभर से लगभग 200 चिकित्सकों ने सहभागिता की। सम्मेलन का संयुक्त आयोजन समुदाय चिकित्सा विभाग एवं कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा किया गया।
संस्थान के निदेशक प्रो.सीएम सिंह ने अपने संदेश में कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अनेक गैर-संचारी रोगों की रोकथाम संभव है।
आयोजन अध्यक्ष डॉ.एसडी कांडपाल ने नियमित शारीरिक गतिविधि को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया।
सह-आयोजन अध्यक्ष डॉ. भुवन ने संतुलित पोषण और सक्रिय जीवनशैली के संयुक्त महत्व को रेखांकित किया।
आयोजन सचिव डॉ. सुमीत दीक्षित ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जनमानस में शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ आदतों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
सम्मेलन के दौरान बच्चों में बढ़ती मोटापे की समस्या पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही इस विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर लामार्ट गर्ल्स कॉलेज, आर्मी पब्लिक स्कूल, स्टडी हॉल स्कूल, रेनबो पब्लिक स्कूल एवं डीपीएस के शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया और बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए किए गए उत्कृष्ट प्रयासों के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही जीवनशैली से संबंधित स्वास्थ्य मुद्दों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी सम्मेलन के दौरान किया गया।
सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए, जिनमें प्रो. मार्क ट्रेम्बले (कनाडा), डॉ.आरएम अंजन्या (मद्रास डायबिटीज़ रिसर्च इंस्टिट्यूट), डॉ. शिफालिका गोयंका (डिप्टी डायरेक्टर, सीसीडीसी, नई दिल्ली), डॉ. पंकज भारद्वाज (डायरेक्टर, एन आईआईआरएनसीडी, जोधपुर), डॉ. सैमुअल हंसडैक एवं हर्ब गीबल (सीएमसी वेल्लोर) प्रमुख रहे।



