महानिदेशक परिवार कल्याण ने किया अस्पतालों का भ्रमण
4747 लोगों को मिला स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में महानिदेशक परिवार कल्याण द्वारा अस्पतालों का भ्रमण किया गया। रविवार को
डॉ. पवन कुमार अरुण महानिदेशक परिवार कल्याण ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरोजनीनगर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पोलियो बूथ, न्यूबोर्न स्टेबिलाइजिंग यूनिट (एनबीएसयू), आईपीडी, लेबर रूम सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इसके पश्चात महानिदेशक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंद्रावल में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से बात कर मेले में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह भी उपस्थित रहे।
सीएचसी पर महानिदेशक ने साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही सभी उपकरणों को क्रियाशील रखने, जरूरी सूचनाओं को सीएचसी अपर चस्पा करने, एनबीएसयू में एडमिशन बढ़ाने, प्रसव के अलावा अन्य मरीजों और पीडियाट्रिक मरीजों की भर्ती करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य योजनाओं सम्बन्धी प्रचार प्रसार सामग्री, फ्लेक्स आदि को सीएचसी पर चस्पा किया जाये।
एआरवी एवं एंटी वेनम वैक्सीन की 24 घंटे प्रचुर मात्रा में उपलब्धता, इसेंशियल ड्रग लिस्ट को अपडेट करने और जन औषधि केंद्र के सफल सञ्चालन के भी निर्देश दिए।
महानिदेशक ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृ स्वास्थ्य, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और उन्हें आमजन तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।
जिससे कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी समय से और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।
उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से आह्वान किया कि वे स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे अधिक से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाले लोगों के साथ संतुलित व्यवहार करें। वहीं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि जनपद की सभी पीएचसी पर आयोजित मुख्यमंत्री जनआरोग्य स्वास्थ्य मेलों में कुल 4747 लोगों ने स्वास्थ्य सेवायें प्रदान की गयी।जिनमें 1812 पुरुष, 2176 महिलाएं एवं 759 बच्चे शामिल रहे।



