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राष्ट्रीय लोक अदालत में बढ़ा न्याय का ग्राफ 

प्रदेश भर में लोक अदालत में मामलों को हुआ निस्तारण 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राष्ट्रीय लोक अदालत असहाय लोगों के लिए तिनके का सहारा से कम नहीं साबित हो रहा है।

जबकि कोर्ट कचहरी के खर्च से अक्सर असहाय गरीब निराश होकर आशा की आस्था में उलझें रहते है।

ऐसे में राष्ट्रीय लोक अदालत असहाय लोगों के लिए संजीवनी बूटी से कम साबित नहीं हो रहा है। शनिवार को

न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायाधीश, भारत का सर्वोच्च न्यायालय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायाधीश, भारत का सर्वोच्च न्यायालय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षण में, तथा न्यायमूर्ति अरुण भंसाली,

मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, मुख्य संरक्षक, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में, और न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी, न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय कार्यकारी अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल निर्देशन में शनिवार को पूरे राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

राज्य के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत में सायं 6 बजे तक निस्तारित किए गए मामलों में मुकदमा-पूर्व मामले – 1,12,94,748

लंबित मामले – 8,16,093

कुल निस्तारित मामले – 1,21,10,841

उपर्युक्त जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर संकलित की गई है। लंबित और मुकदमा-पूर्व मामलों के निस्तारण से संबंधित अंतिम आंकड़े अभी प्रतीक्षित हैं। यह जानकारी

डॉ. मनु कालिया सदस्य सचिव

उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी गयी।

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