सड़क से सदन तक लड़ाई करने को विवश – तनुज पुनिया
प्रेस वार्ता में वीबी जी राम जी पर उठाये सवाल

बाराबंकी। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही पारित वीबी जी राम जी पारित बिल पर सवाल उठाये गए।
रविवार को सांसद आवास ओबरी में सांसद तनुज पुनिया ने केन्द्र सरकार द्वारा मनमाने तरीके से मनरेगा में किये बदलाव के विरोध में प्रेस वार्ता में सम्बोधित करते हुये कहा कि देश एवं प्रदेश की सरकारे और चुनाव आयोग की गलत नीतियो के कारण लागातार किसानो मजदूरों मजलूमो, नौजवानो और महिलाओ समेत देश की आम जनता को बडी कठिनाईयो का सामना करना पड रहा है।
रोटी, कपडा, मकान, शिक्षा, चिकित्सा, सुरक्षा वोट का अधिकार, भोजन का अधिकार, रोजगार का अधिकार मनरेगा जो कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार ने संवैधानिक अधिकार दिया था, जो भाजपा सरकार द्वारा हक हकूक, न्याय का अधिकार सब खत्म किया जा रहा है।
तनुज पुनिया ने कहा कि मनरेगा में वर्तमान सरकार द्वारा किये बदलाव से काम के संवैधानिक अधिकारो पर हमला किया गया है। काम करने का अधिकार छीना जा रहा है, मजदूरी पाने का अधिकार छीना जा रहा है, ग्राम पंचायत की शक्तियां ठेकेदारो को सौपी जा रही है और इसमें राज्य सरकार को कमजोर किया जा रहा है।
उस पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उच्च महंगाई के बावजूद भी पिछले तीन वर्षो से मनरेगा के बजट में कोई बढोत्तरी नही की गयी साथ ही मजदूरो के भुगतान मेें बहुत कठिनाईयां आयी एवं देरी से भुगतान किस्तो में किया गया।
तनुज पुनिया ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से बहुत ही महत्वपूर्ण योजना को वर्तमान सरकार पूर्णतः मिटाने पर लगी हुयी है। लेकिन हम कांग्रेसी जन इसके विरोध में सडक से सदन तक लडाई लडने पर विवश है। हम कांग्रेसियो को चाहे इसके लिये उपवास, धरना, प्रदर्शन, व रैली के माध्यम से इसका पूर्णतः विरोध करना पडे,सब करेंगे।
प्रमुख मांगो में
काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी। मनरेगा में किये गये बदलावो की तत्काल वापसी। काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्णरूप से बहाली की जाये। मनरेगा जांब कार्ड धारक का न्यूतम वेतन 400 रू. निर्धारित किया जाये।
इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मो. मोहसिन, पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, एडवोकेट केसी श्रीवास्तव उपस्थित रहे।



