समाधि खुदाई में जुटे मंदिर महंत, साधु संतो का जत्था पहुंचना शुरू
रामजानकी मठ का बढ़ा सम्पत्ति विवाद, चर्चा तेज

बाराबंकी। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। मठ मंदिर महंत द्वारा जिंदा समाधि लेने के ऐलान से साधु संतो का जत्था मंदिर पहुंचना शुरू हो गया है।
तहसील राम सनेही घाट क्षेत्र के अंतर्गत श्रीराम जानकी भवनियापुर मठ किठैया का संपत्ति विवाद अब चहु ओर चर्चा का विषय बन गया गया । जिसमें साधु संतो का जत्था मंदिर पहुंचना शुरू हो गया।
वहीं मठ के महंत मुकुंद पुरी ने प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि मठ की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करने और फर्जी वसीयत के आधार पर नामांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में दर्ज मुकदमों के बावजूद संबंधित पक्ष द्वारा गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कराया गया है।
महंत के अनुसार तहसील प्रशासन द्वारा 24 अगस्त 2023 को वसीयत निरस्त करने के आदेश के बावजूद मामले का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी उचित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।
श्री राम जानकी मंदिर मंदिर में साधु संतो का जमावड़ा
जिसमें साधु पंच दस नाम जूना अखाड़े से, नागा बाबा महंत इतवार गिरी , शिवाकांत पुरी, विशेषर पुरी महिला नागा सन्यासी महंत अर्चना गिरी, महंत शिरोमणि पुरी,
फलाहारी बाबा सरजू दास , नागा बाबा राजकरण भारती , चेतन पुरी, अनिल पुरी, अंकित भारती अनेक संतो का जमवाड़ा लगा है और 19 अप्रैल तक सभी षडदर्शन संत समाज के लोगों का जत्था अपने अपने आश्रमों से निकल चुका है।
प्रार्थना पत्र में महंत ने चेतावनी दी है कि यदि 20 अप्रैल तक मठ की संपत्ति से जुड़े सभी मामलों का निष्पक्ष निस्तारण नहीं हुआ तो, वह 21 अप्रैल को जिंदा समाधि लेने के लिए बाध्य हो जाएंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ऐसे में तहसील प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करना चाहिए। जिससे संत महात्माओं को प्रशासन के प्रति निष्ठा बनी रहे।



