एसजीपीजीआई का मना 42वां स्थापना दिवस समारोह
ब्रजेश पाठक, मयंकेश्वर शरण सिंह, अमित घोष प्रो. आरके धीमन रहे मौजूद

प्रो. आरके धीमन ने संस्थान की उपलब्धियों को किया साझा
लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। एसजीपीजीआई ने अपनी 42 वर्षो की स्वर्णिम यात्रा पूरी कर ली है। रविवार को
संस्थान को क्वाटरनरी हेल्थ -केयर सेंटर के रुप में विकसित करने व शिक्षण, प्रशिक्षण अनुसंधान के क्षेत्र में अब तक हासिल उपलब्धियों को साझा किया गया। 42 वें
स्थापना दिवस समारोह का प्रारंभ सुबह भर्ती मरीजों को पोषण पैक और शुभकामना कार्ड के वितरण व प्लांटेशन के साथ किया गया। साथ ही संस्थान के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भर्ती मरीजों के लिए 62 रक्तदाताओं ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।
विभाग द्वारा रक्तदाताओं को उनके नेक कार्य के लिए सम्मानित कर उनका आभार व्यक्त किया।
संस्थान परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। इस मौके पर निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक, डीन और संयुक्त निदेशक प्रशासन के साथ ही उद्यान एवं इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप सरस्वती वंदना के साथ की गयी। वहीं
निदेशक प्रो. आरके धीमन ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने संस्थान के विजन व आगामी प्रोजेक्ट के विषय में विस्तार से बताया।
क्वाटरनरी Health-Care सेंटर के विषय में बोलते हुये उन्होंने कहा कि यह केंद्र सबसे गंभीर और जटिल रोगियों के लिए अंतिम रेफरल केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह tertiary केयर से भी आगे का उपचार व चिकित्सा सेवा प्रदान करेगा। जहां अति आधुनिक तकनीक व मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा गंभीर रोगियोंको उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
हम स्वास्थ्य सेवाओं को सटीक, सुरक्षित, तेज और व्यापक बनाने के लिए एआई को स्वास्थ्य सेवा में प्रयोग के लिए तैयार हैं।( भाषण संलग्न)
उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉलेज नेटवर्क के विषय में उन्होनें बताया कि इस पहल से राज्य के मेडिकल कालेजों में यूनिफाइड, इंटरकनेक्टेड टेलीमेडिसिन इकोसिस्टम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा का निर्माण होगा। UPMCN हब एंड स्पोक मॉडल के माध्यम से रिमोट टेली – कंसल्टेशन्स, टेली – एजुकेशन, टेली -आईसीयू और centralized डाटा एनालिसिस को आसान बनायेगा।
इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक संस्थान परिवार को बधाई और संस्थान को इस उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए उनके निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होने कहा कि एसजीपीजीआई ने नई ऊंचाइयों को छूने के लिए अपने पंख फैला दिए हैं। एसजीपीजीआई को अब चतुर्थ स्तरीय स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
समारोह के सम्मानित वक्ता नेशनल मेडिकल कमीशन के अध्यक्ष, डाक्टर अभिजात चंद्रकांत शेठ ने अत्यंत प्रेरणादायक अभिभाषण प्रस्तुत किया। उपमुख्यमंत्री द्वारा डाक्टर अभिजात चंद्रकांत शेठ को व्याख्यान पट्टिका प्रस्तुत की गई। मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश सरकार अमित घोष ने उपस्थित जनों को सम्बोधित किया।
उन्होने कहा कि पिछले एक दशक में संस्थान के सफर में बड़ा बदलाव आया है। एक सर्वोच्च संस्थान के रुप में इसकी भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए और एसजीपीजीआई को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होना चाहिए। अनुसंधान और मानव संसाधन नीति को इस प्रकार तैयार किया जाना चाहिए।
जिससे उत्कृष्टता में वृद्धि हो। अब हम संस्थान को क्वाटरनरी हेल्थ – केयर सेंटर के रुप में विकसित करने की दिशा में अग्रसर हों। इसी क्रम चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण द्वारा सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट शोध कार्यो के लिए और सर्वश्रेष्ठ टेक्निकल ऑफिसर, सर्वश्रेष्ठ नर्सिंग ऑफिसर व रेजिडेंट चिकित्सकों को वार्षिक पुरस्कार वितरित किए गए।
उनके द्वारा इमेरजेन्सी मेडिसिन की डाक्टर अलका व एनेस्थेसियोलाजी की डाक्टर दिव्या द्वारा लिखित पुस्तक का भी विमोचन किया गया। विद्यार्थियों की फीस भुगतान की सुविधा के लिए ऑन लाइन एप का सॉफ्ट लॉन्च भी किया गया।
कार्यक्रम का समापन संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर शालीन कुमार द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
संस्थान के विजन को उपमुख्यमंत्री का आश्वासन..
मरीजों की देखभाल और शोध को बढ़ावा देने के लिए एसजीपीजीआई क्वाटरनरी हेल्थ – केयर व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की शुरुआत करेगा।
एसजीपीजीआई में क्वाटरनरी स्वास्थ्य सेवा केंद्र
संजय गांधी पीजीआई क्वाटरनरी स्वास्थ्य सेवा केंद्र की स्थापना करेगा, जो टेर्शियरी स्तर से भी आगे बढ़कर उच्चतम और सबसे उन्नत स्तर की चिकित्सा सेवा प्रदान करेगा। यह स्वास्थ्य सेवा केंद्र, चिकित्सा उपचार की उच्चतम और सबसे विशिष्ट पहल है,
जो सबसे गंभीर और जटिल रोगियों के लिए अंतिम रेफरल केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जो प्रोटॉन थेरेपी, ईसीएमओ, उन्नत न्यूरो-इंटरवेंशनल, सटीक ऑन्कोलॉजी और अत्याधुनिक सेलुलर थेरेपी जैसी प्रौद्योगिकियां प्रदान करेगा, जो वर्तमान में केवल कुछ ही भारतीयों के लिए सुलभ हैं जो इलाज के लिए विदेश जाते हैं।
क्वाटरनरी स्वास्थ्य सेवा केंद्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा उपकरण, मजबूत मानव संसाधन विकास और महत्वपूर्ण अनुसंधान अधःसंरचना का सम्मिश्रण होगा।
स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के लिए केंद्र..
एआई सभी क्षेत्रों में विकास की गति को हमारी कल्पना से कहीं अधिक बढ़ा रहा है। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार भी 2047 तक “विकसित भारत” और “विकसित उत्तर प्रदेश” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रही हैं।
स्वास्थ्य सेवा इस दौड़ में पीछे नहीं रह सकती। इसलिए, एसजीपीजीआई का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा में एआई के क्षेत्र में कदम रखना है, ताकि भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित, तेज, सटीक और व्यापक बनाया जा सके।
उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉलेज नेटवर्क..
यह पहल राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एकीकृत, परस्पर जुड़े टेलीमेडिसिन ईकोसिस्टम के माध्यम से सीमाओं से परे स्वास्थ्य सेवा का निर्माण करेगी और विशेषज्ञ परामर्श तक पहुंच को सक्षम बनाएगी।
यूपीएमसीएन हब एंड स्पोक मॉडल, साझा विशेषज्ञता, दूरस्थ टेली-परामर्श, टेली-शिक्षा, टेली-आईसीयू और केंद्रीकृत डेटा विश्लेषण पर आधारित निर्बाध सहयोग को बढ़ावा देगा। जिससे नागरिकों को उनके स्थान की परवाह किए बिना विशेषज्ञ देखभाल प्राप्त हो सके।
पहले से ही, छह राज्य मेडिकल कॉलेजों के साथ टेली-आईसीयू का एक पायलट प्रोजेक्ट डेढ़ साल से चल रहा है और इसे 2025 में फिक्की द्वारा सार्वजनिक अस्पताल में रोगी सुरक्षा पहल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
इस मौके मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ देवेंद्र गुप्ता,डॉ हर्ष वर्धन एवं चिकित्साधिकारी समेत अन्य नर्सिंग ऑफिसर मौजूद रहे।



