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मरीज के परिजनों ने दिया अंगदान, पांच लोगों की जिंदगी बचाने में हुआ सहायक 

संस्थान निदेशक ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि 

SOTTO-यूपी टीम

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। ब्रेन डेड मरीज के परिजनों ने अंगदान देकर मानव कल्याण के साक्षी बने । रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात के 131वें एपिसोड में अंगदान के महत्व पर विशेष बल दिया।

साथ ही एसजीपीजीआईएमएस में ब्रेन स्टेम डेथ के उपरांत सफल मल्टी-ऑर्गन डोनेशन संपन्न हुआ।

“आत्मा भले ही शरीर से विलग हो जाए, परंतु दान किए गए अंग किसी अन्य के जीवन में नई आशा और नई ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। यही अंगदान की सच्ची महत्ता है।

प्रधानमंत्री के संदेश को व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाने तथा नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन एवं मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की अपील के अनुरूप इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सामूहिक दायित्व निभा रहे है । वहीं इसी वर्ष

लखनऊ निवासी 42 वर्षीय संदीप कुमार 07 फरवरी को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विभिन्न अस्पतालों में उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआऔर 21 फरवरी की रात्रि में उन्हें एसजीपीजीआईएमएस के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 22 फरवरी को चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल द्वारा उन्हें ब्रेन स्टेम डेड घोषित किया गया। जिसे

परिजनों की सहमति प्राप्त होने के पश्चात स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन – उत्तर प्रदेश के संयुक्त निदेशक एवं एसजीपीजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश हर्षवर्धन के मार्गदर्शन में

एसजीपीजीआईएमएस एवं केजीएमयू के संयुक्त सहयोग से लिवर रिट्रीवल एवं प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। केजीएमयू की प्रतीक्षा सूची में पंजीकृत रोगी को संयुक्त टीम द्वारा लिवर प्रत्यारोपित किया गया।

सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुप्रिया शर्मा एवं डॉ. राहुल के नेतृत्व में लिवर हार्वेस्ट कर SOTTO-यू.पी. द्वारा स्थापित ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से शीघ्रता से केजीएमयू पहुँचाया गया।

यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एमएस अंसारी, डॉ. संजय सुरेका एवं डॉ. संचीत रुस्तगी की टीम द्वारा किडनी रिट्रीवल किया गया, जबकि नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण प्रसाद की टीम ने रिसीपिएंट का प्रबंधन एवं प्रत्यारोपण की तैयारी सुनिश्चित की।

कॉर्निया हार्वेस्टिंग एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रिया विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अपिजीत कौर के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. देवेंद्र गुप्ता, डॉ. सुरुचि अंबास्ता एवं उनकी टीम ने डोनर मेंटेनेंस सहित महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सोट्टो -यूपी की टीम भोलेश्वर पाठक, डॉ. क्रिस अग्रवाल, डॉ. अक्षिता बंसल, डॉ. एकता, नीलिमा दीक्षित, डॉ. अभिषेक एवं डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने बीते शनिवार रात्रि से रविवार सायं तक सभी विभागों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर इस मल्टी-ऑर्गन डोनेशन को सफल बनाया। एसजीपीजीआईएमएस के ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर हरीश चोपड़ा ने भी संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान प्रभावी समन्वय एवं प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं

निदेशक डॉ. आरके धीमन के नेतृत्व में लगभग 20 वर्षों के उपरांत संस्थान में ब्रेन स्टेम डेथ के पश्चात यह पहला मल्टी-ऑर्गन डोनेशन है, जो संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उल्लेखनीय है कि सोट्टो यूपी की पहल के अनुरूप संस्थान के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर की नीति के तहत यदि ब्रेन स्टेम डेड मरीज के परिजन अंगदान के लिए सहमति प्रदान करते हैं, तो सहमति के समय से संपूर्ण उपचार व्यय माफ कर दिया जाता है।

संस्थान में गार्ड ऑफ ऑनर किया प्रदान..

अंगदान के उपरांत दिवंगत को सम्मानपूर्वक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस अवसर पर निदेशक डॉ. आर.के. धीमन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र गुप्ता, सोट्टो -यूपी के संयुक्त निदेशक डॉ. राजेश हर्षवर्धन, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण प्रसाद तथा एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ. अरुण श्रीवास्तव एवं उनकी टीम उपस्थित रहे। ज्ञात हो कि

दिवंगत संदीप कुमार अपने पीछे पत्नी लक्ष्मी एवं 8 वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं। इस दुःख की घड़ी में उनकी पत्नी द्वारा लिया गया साहसिक एवं करुणामय निर्णय पाँच अलग-अलग व्यक्तियों को नया जीवन देने में सहायक बना है। साथ ही कॉर्निया को सोट्टो -यूपी के माध्यम से केजीएमयू के कम्युनिटी आई बैंक में दान किया गया, जिससे जरूरतमंदों को नई दृष्टि प्राप्त होगी।

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