विज्ञान के बिना हमारा जीवन अधूरा -ब्रजेश पाठक
नॉलेज ऑन स्फीयर एवं साइंस एक्सपो 2026 के उद्घाटन सत्र में डिप्टी सीएम रहे मौजूद

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। विज्ञान बिना हमारा जीवन अधूरा है। बुधवार को नॉलेज ऑन स्फीयर एवं साइंस एक्सपो 2026 के उद्घाटन सत्र में डिप्टी सी एम ब्रजेश पाठक ने सम्बोधित करते हुए कहा कि
विज्ञान एवं तकनीक ही आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं। विज्ञान के बिना हमारा जीवन अधूरा है। आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। विज्ञान में नित नई तकनीकें ईजाद हो रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी एवं कुशल नेतृत्व में हमारा देश धरती से लेकर अंतरिक्ष तक कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
डिप्टी सीएम ने विद्यार्थियों को विज्ञान की उपयोगिता, नवाचार और अनुसंधान की भूमिका पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विज्ञान प्रदर्शन की विशेष विधा, विज्ञान को केवल सुनने या पढ़ने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे देखने, समझने और अनुभव करने का एक अनोखा अवसर प्रदान करता है।
यह प्रणाली जटिल वैज्ञानिक आँकड़ों और प्रक्रियाओं को दृश्य एवं सरल रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे दर्शक विज्ञान की गहराई को सहजता से समझ पाते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नॉलेज ऑन स्फीयर शो की सहायता से प्राकृतिक घटनाओं को वास्तविक समय में समझना संभव हो पाता है, जैसे चक्रवात का निर्माण, उसकी तीव्रता में वृद्धि और समुद्र से तट की ओर उसकी गति।
दर्शक यह प्रत्यक्ष रूप से देख सकते हैं कि किस प्रकार बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न एक छोटा सा तूफान क्रमशः शक्तिशाली होकर ओडिशा या अन्य तटीय क्षेत्रों तक पहुँचता है। यह अनुभव न केवल अत्यंत रोचक है, बल्कि विद्यार्थियों और आम जनमानस को वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की स्पष्ट और व्यावहारिक समझ भी प्रदान करता है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साइंस एक्सपो-2026 में प्रदेश एवं देश के कुल मिलकर 18 प्रमुख वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थान, मेडिकल कॉलेज एवं विश्वविद्यालय इसमें प्रतिभाग कर रहे हैं और अपने-अपने अनुसन्धान कार्यों, उपलब्धियों और नवाचारों को इस एक्सपो में प्रदर्शित किया है।
साइंस एक्सपो के सहभागी..
एक्सपो में विधायक नीरज बोरा, परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली विजय शंकर शर्मा, उपनिदेशक,, इसरो टेलिमेटरी, ट्रैकिंग एवं कमांड नेटवर्क, बेंगलुरु नंदनी हरिनाथ,
निदेशक सीएसआईआर केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान डॉ. प्रमोद कुमार त्रिवेदी, परियोजना समायोजक, आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ स्वरूप मंडल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।



