नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रकाश मय जीवन बनाने पर करेंगे मंथन
कॉर्नियल दान और प्रत्यारोपण की स्थिति पर होगा संवाद

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। जीवन को प्रकाश मय बनाने के लिए मंथन किया जा रहा है । स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि
कॉर्नियल दृष्टिहीनता आज भी एक महत्वपूर्ण जन-स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। जबकि समय पर कॉर्निया दान एवं कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से दृष्टि पुनर्स्थापित की जा सकती है।
रोगियों के जीवन-स्तर में उल्लेखनीय सुधार संभव है। उत्तर प्रदेश में दान किये हुए कॉर्निया की उपलब्धता, राज्य की वास्तविक आवश्यकता की अपेक्षा अत्यंत सीमित है, जो राज्य में नेत्रदान एवं कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं को सुदृढ़ एवं विस्तार करने के लिए त्वरित एवं लक्षित प्रयासों की आवश्यकता को दर्शाता है।
जिसे राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन उत्तर प्रदेश, अस्पताल प्रशासन विभाग एवं नेत्र रोग विभाग, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कल यानि 28 फरवरी को प्रातः 8 बजे से “नेत्र मंथन, विचार-मंथन सत्र का आयोजन किया जा रहा है।
जिसमें उत्तर प्रदेश में कॉर्नियल दान और प्रत्यारोपण की स्थिति पर संवाद और वर्तमान स्थिति एवं भावी दिशा” तय की जाएगी । यह विचार-मंथन सत्र कॉर्निया दान एवं प्रत्यारोपण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा, प्रणालीगत कमियों की पहचान तथा राज्य-विशिष्ट व्यावहारिक रणनीतियों के निर्धारण के लिए एक सशक्त मंच साबित होगा।
इस सत्र का उद्देश्य नीति-निर्माताओं, नेत्र रोग विशेषज्ञों, प्रत्यारोपण समन्वयकों, आई बैंक प्रतिनिधियों, अस्पताल प्रशासकों एवं अन्य प्रमुख हितधारकों को एक साझा मंच पर एकत्रित कर उनके अनुभव, चुनौतियों एवं सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना है।
विशेष रूप से अस्पताल-आधारित कॉर्निया प्राप्ति कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने, आई बैंकों एवं प्रत्यारोपण केंद्रों के मध्य समन्वय को सुदृढ़ करने, जन-जागरूकता को बढ़ावा देने तथा परिचालन एवं नियामक चुनौतियों के समाधान पर विशेष बल दिया जाएगा।
नेत्र मंथन का उद्देश्य सहभागी संस्थानों के मध्य समन्वित दृष्टिकोण एवं संस्थागत उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करना है। जिससे क्रियान्वयन योग्य अनुशंसाएँ एवं स्पष्ट कार्य-योजना तैयार की जा सके।
इस संवाद से प्राप्त निष्कर्षों से उत्तर प्रदेश में कॉर्निया दान दर में वृद्धि, कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा रोकी जा सकने वाली कॉर्नियल दृष्टिहीनता के भार में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान अपेक्षित है।
कार्यक्रम की मूल संरचना: प्रतिभागियों को कॉर्निया दान एवं प्रत्यारोपण के संबंध में संवेदनशील एवं जागरूक करने हेतु एक संक्षिप्त, प्रासंगिक एवं वैज्ञानिक कार्यक्रम संरचना तैयार की गई है।
जानें संस्थान में कहाँ होगा मंथन..
संस्थान के डीके छाबड़ा सभागार, प्रथम तल, नवीन पुस्तकालय भवन में किया जायेगा। जिसमें 180 प्रतिभागी शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम प्रो. राजेश हर्षवर्धन, संयुक्त निदेशक, सोट्टो – उत्तर प्रदेश एवं संस्थान चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विकास कन्नौजिया, विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग; तथा संस्थान निदेशक प्रो. आरके धीमन के मार्गदर्शन आयोजित किया जा रहा है।



