देश भर में बढ़ सकते आंदोलन- वीपी मिश्र
सरकार को पत्र भेजकर कर्मचारियों के हित में अधूरी, बढ़ा आक्रोश

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। कर्मचारियों की मांगे पूरी न होने पर नाराजगी बढ़ने लगी है। बुधवार को इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने बताया कि
देश में बेरोजगारी महंगाई, किसान, मजदूर, युवा वर्ग, कर्मचारी, शिक्षक के परिवारों की तकलीफों से आक्रोश है।
भारत सरकार और राज्यों की सरकार अगर विशेष ध्यान नहीं देंगी तो देश भर में आन्दोलन बढ़ सकते है। जिससे भावी चुनावों में सत्ताधारी दल को नाराजगी मोल लेनी पड़ेगी।
इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसबी सिंह एवं महासचिव प्रेमचन्द्र ने संयुक्त रूप से बताया कि कई बार पत्र भेज कर अवगत कराया जा चुका है,फिर भी सरकार मौन है। वीपी मिश्र ने बताया कि पीएमओ से बताया गया कि उनके पत्रों का निस्तारण कर दिया गया है। पता नहीं।
तमाम लोग है जो आनलाइन देखना ही नहीं जानते है। वीपी मिश्र ने बताया कि केन्द्र व राज्यों की सरकारों द्वारा रिक्त पदों पर नियमित भर्तियां, पदोन्नति नहीं हो रही है, पुरानी पेंशन बहाली, 08 वेनत आयोग का गठन करके लागू करने में अनदेखी हो रही है।
मेडिकल कालेजों, जिला अस्पतालों में आउटसोर्स के डाक्टर एवं कर्मचारियों से कार्य कराया जा रहा है। दवाएं आदि भी गुणवत्ता वाली नहीं होती है, जो फायदा नहीं करती है। पूंजीवादी व्यवस्था में कर्मचारियों की छंटनी हो रही है। उन्हें पगार भी उचित नहीं मिलती है। अतुल मिश्र उपमहासचिव ने बताया कि सरकार प्रयास तो कर रही है,लेकिन सफल नहीं है।
इप्सेफ ने कहा है कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था ही लागू रहना चाहिए। इप्सेफ ने प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमण्डल को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
चंद देशों की तरह हालात यहाँ भी ख़राब हो सकती है।



