टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन बनाना आवश्यक – अजय जैन
टीबी उन्मूलन में निजी अस्पतालों के साथ हुई बैठक

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए जोर दिया गया। शनिवार को
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन की अध्यक्षता में की गई।
वहीं बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन बनाना आवश्यक है। जिसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।
उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों को भावनात्मक और पोषणात्मक सहयोग मिलने से उनके स्वस्थ होने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
उन्होंने निजी अस्पतालों से अपील की कि टीबी रोगियों को वैयक्तिक और संस्थागत दोनों स्तरों पर गोद लिया जा सकता है तथा प्रत्येक संस्थान कम से कम 25 क्षय रोगियों को गोद लेने का प्रयास करे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि
निजी अस्पताल टीबी की समय पर पहचान, इलाज और रोगियों को सामाजिक सहयोग मुहैया कराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं । जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल ने बताया कि जनपद में कुल 28 टीबी यूनिट्स कार्यरत हैं।
इसके साथ ही टीबी के कुल 13,663 रोगी हैं जिनका इलाज चल रहा है जिनमें से 3, 893 टीबी रोगियों को 4,565 निक्षय मित्रों द्वारा गोद लिया गया है ।
बैठक में जिला कार्यक्रम समन्वयक दिलशाद हुसैन, पीपीएम समन्वयक रामजी वर्मा, और सौमित्र मिश्रा, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर अभय चंद्र मित्रा, लोकेश कुमार, पवन तिवारी, सहयोगी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) सहित लगभग 50 निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इससे पूर्व शुक्रवार(30 जनवरी) को 35 नर्सिंग कॉलेजों तथा 3 डेंटल कॉलेजों के साथ भी इसी विषय पर बैठक आयोजित की गई थी।



