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भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज विश्व का कर रहा नेतृत्व- जेपी नड्डा

 केजीएमयू का मना 21वां दीक्षांत समारोह,मेधावी छात्र हुए सम्मानित

 

भारत में एम्स की संख्या 1 से बढ़कर 23 हुई,मेडिकल कालेज 387 से बढ़कर 819 हुई

 राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने 2441 छात्र-छात्राओं को बांटी डिग्रियां, 81 छात्र-छात्राओं को दिए मेडल्स..

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज विश्व का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे भारत वैश्विक स्वास्थ्य समस्याओं का हल इसलिये सफलतापूर्वक निकाल रहा है।

क्योंकि भारत के पास विश्व स्तर का इन्फ्रास्ट्रक्चर, संस्थायें और सुविधायें मौजूद है। यह बातें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित 21वें दीक्षांत समारोह में संबोधित करते हुये केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कही।

उन्होंने कहा कि नए भारत में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में डाक्टरों ने भारत छोड़ना बंद कर दिया है।श्री नड्डा ने कहा कि आज-देश की जनता को ये समझने की जरूरत है कि भारत सिर्फ देश की नहीं बल्कि विदेश की भी स्वास्थ्य सुविधाओं को केटर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारी ताकत बनी है और इसको हमको आगे बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि आज कोविड के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट अमेरिका कागज पर देता है और भारत कोविन पर आपके मोबाइल पर आपको सर्टिफिकेट देता है। यह बदलता भारत है। यही है डिजिटल इंडिया।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत में शुरु की गई। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा देश के 62 करोड़ लोगों आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख का हेल्थ कवरेज दिया जा रहा है जो कि कोई मामूली बात नहीं है।

श्री नड्डा ने कहा देश के नीति निर्धारकों में इतनी क्षमता होती है कि वे परिवर्तन ला सकते है । उन्होंने कहा कि बीसवीं शताब्दी के अंत तक भारत के पास सिर्फ एक ही ऑल इंडिया इन्स्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) था लेकिन आज भारत के पास कुल 23 ऑल इंडिया इन्स्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एक समय था जब हमारे पास सिर्फ 387 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन आज 819 मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने कहा कि पहले 51 हजार अंडरग्रेजुएट सीट्स थी और अब 1 लाख 19 हजार मेडिकल अंडरग्रेजुएट सीट्स हैं।

श्री नड्डा ने कहा कि पहले सिर्फ 31 हजार पीजी सीट्स थी, अब 80 हजार पीजी सीट्स हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के अनुरुप 2029 तक हमारे पास और 75 हजार एडिशन मेडिकल सीट्स होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल एजुकेशन में आज कितना बड़ा परिवर्तन आ रहा है इसको हमको समझना पड़ेगा।

श्री नड्डा ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 70 वर्ष से ऊपर के लोग जो चाहे किसी भी वर्ग , जाति, मजहब या वित्तीय स्तर के हों सबको आखिरी सांस तक भारत सरकार द्वार ₹5 लाख का हेल्थ कवर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस तरीके की व्यवस्था तो प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियां भी नहीं देती। उन्होंने कहा कि देश के बुजुर्गों को प्राईवेट कंपनियां 60-70वर्ष की उम्र के बाद इंश्योरेंस देना बंद कर देती है लेकिन भारत सरकार एश्योरेंस ही 70 साल से शुरू करते हैं और अंतिम सांस तक सेवा करने के लिए तैयार रहती है। वहीं

समारोह की अध्यक्षता उतर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने केंद्रीय स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा से आग्रह किया कि केजीएमयू विश्वविद्दालय को इंस्टिट्यूट ऑफ़ नेशनल इम्पोर्टेंस का दर्जा दिया जाए।

समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों से उत्तीर्ण 2,441 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें MBBS, BDS, MD/MS, DM/M.Ch, MDS, नर्सिंग, डेंटल, पीएचडी तथा सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम शामिल थे।

इस अवसर पर 81 छात्र-छात्राओं एवं एक संकाय सदस्य को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक, चिकित्सकीय एवं शोध उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।​ पुरस्कारों में स्वर्ण एवं रजत पदक, प्रशस्ति पत्र, पुस्तक पुरस्कार, नकद पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ शोध-प्रबंध एवं सर्वश्रेष्ठ रेज़िडेंट पुरस्कार शामिल रहे।

समारोह में प्रो. अजय कुमार सूद, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, भारत सरकार, नई दिल्ली को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि (Honoris Causa) प्रदान की गई। प्रो. सूद ने दीक्षांत भाषण देकर चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार की बदलती दिशा पर अपने विचार साझा किए।​

इस दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्रजेश कुमार पाठक उप मुख्यमंत्री एवं मयंकेश्वर शरण सिंह राज्य मंत्री, संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं मातृ-शिशु कल्याण, उत्तर प्रदेश सरकार मौजूद रहे।

इस मौके पर संस्थान कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद द्वारा विश्वविद्यालय की संक्षिप्त प्रगति-रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। विभिन्न डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने शपथ ग्रहण की तथा कुलाधिपति की उपस्थिति में उपाधियां प्राप्त कीं। वंदे मातरम्, विश्वविद्यालय गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा मेधावी छात्र-छात्राओं के समूह छायाचित्र समारोह की प्रमुख विशेषताएं रहीं।

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